
नगरपालिका छतरपुर
शहर में बेसमेंट (तलघर) निर्माण का मामला अब एक गंभीर मुद्दा बन गया है। जहां पहले शहर की मुख्य सडक़ों के किनारे बेसमेंट का निर्माण बिना अनुमति के हो रहा था, वहीं अब रिहायशी इलाकों में भी ये निर्माण जोरों पर हैं, जबकि नगर पालिका और राजस्व विभाग की ओर से इस पर रोक लगाने की कोशिशें नाकाम होती जा रही हैं। यही नहीं, अब तक 30 बड़े व्यावसायिक भवनों में तलघर का निर्माण किया जा चुका है, और इन भवनों के ऊपर दो से तीन मंजिला निर्माण की अनुमति भी ली जा चुकी है। लेकिन, यह सारे निर्माण अवैध तरीके से चल रहे हैं, क्योंकि तलघर का निर्माण बिना अनुमति के किया जा रहा है।
शहर में विभिन्न इलाकों में अवैध तलघर निर्माण की शिकायतों के बाद नगर पालिका ने कुछ दिन पहले संबंधितों को नोटिस भेजा था और चालानी कार्रवाई की थी, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है। वर्तमान में 8 से 10 फीट गहरे तलघर का निर्माण बिना अनुमति के अवैध रूप से किया जा रहा है। इसके चलते आस-पास के भवनों और सडक़ों को भी नुकसान हो रहा है और शहर में संरचनात्मक खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के वार्ड 34 में मुख्य सडक़ के किनारे प्रशांत साहू द्वारा बेसमेंट बनाने के बाद इसके ऊपर दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। यहां के आसपास पहले से मकान स्थित हैं, और बेसमेंट की गहराई 8 से 10 फीट होने से इन मकानों को ढहने का खतरा बना हुआ है। इस भवन का निर्माण व्यावसायिक उद्देश्य से किया जा रहा है, लेकिन नगर पालिका से इसकी स्वीकृति नहीं ली गई है। इसी प्रकार, वार्ड 7 सिंधी कॉलोनी में अंजू द्विवेदी द्वारा व्यावसायिक भवन के लिए तलघर का निर्माण किया जा रहा था, जिससे आसपास के भवनों को ढहने का खतरा पैदा हो गया था। इसके अलावा, पुराने पत्रा नाका चौराहा पर अंचल शुक्ला द्वारा एक दुकान के नीचे बेसमेंट निर्माण कराया गया है, जिसमें पानी भरा हुआ है, और यह भी बिना अनुमति के किया गया है।
इन अवैध निर्माणों के पीछे एक बड़ी वजह प्रभावशाली लोगों का संरक्षण भी माना जा रहा है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद नगर पालिका और राजस्व विभाग इस पर कार्रवाई करने में असमर्थ रहे हैं। शिकायतों के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, क्योंकि कुछ निर्माणकर्ता नेताओं और प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में काम कर रहे हैं। इसके अलावा, बिल्डरों द्वारा इन तलघरों को बिल्डिंग एरिया से कवर कर दिया जाता है, जिससे यदि किसी भवन में आग लगने की घटना होती है, तो फायर ब्रिगेड को हालात पर काबू पाने में समस्या होती है।
नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार अब से नगर में कहीं भी तलघर निर्माण नहीं किया जा सकता, अगर नहीं तो इसके लिए टीएंडसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) से भी अनुमति लेना जरूरी है। लेकिन यह देखा जा रहा है कि तलघर के निर्माण में एक तरह से नेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों का संरक्षण दिया जा रहा है, जिसके चलते इन निर्माण कार्यों पर रोक लगाने में प्रशासन की कार्यवाही ढीली पड़ रही है।
एसडीएम अखिल राठौर ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शहर में बिना अनुमति के चल रहे बेसमेंट निर्माण कार्यों को चिह्नित करते हुए निर्माण रुकवाएं जाएंगे। साथ ही, जो बेसमेंट नियम विरुद्ध तरीके से बनवाए गए हैं, उनकी पुराई कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
02 Apr 2025 10:34 am
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