
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय
छतरपुर. उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद जिले के 10 प्राथमिक शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई है। ये वे शिक्षक है, जो बीएड की डिग्री के बाद प्राथमिक शिक्षक नियुक्त हो गए थे। प्राथमिक शिक्षक नियोजन 2023 के अंतर्गत नियुक्त किए गए बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षकों को हटाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस आदेश से जिले में पदस्थ 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त हो गईं।
सहायक संचालक छतरपुर आरपी प्रजापति ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 10 ऐसे शिक्षक हैं जो बीएड डिग्री के साथ प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए थे। सर्वोच्च न्यायालय ने 11 अगस्त 2023 को आदेश पारित करते हुए प्राथमिक शिक्षक के लिए बीएड योग्यता निरस्त कर दी थी। इसी आदेश के पालन में राज्य सरकार ने उन सभी शिक्षकों को पद से पृथक कर दिया जो बीएड योग्यता के साथ प्राथमिक शिक्षक नियुक्त हुए थे। प्रजापति के मुताबिक जिले में ऐसे 10 शिक्षक प्रभावित हुए हैं। उन सभी शिक्षकों को सेवामुक्त कर दिया गया है।
सर्वोच्च न्यायालय ने दिनांक 11 अगस्त 2023 पारित आदेश में एनसीटीई की अधिसूचना 28 जून 2018 को निरस्त किया है. इस निर्णय के आधार पर जिस भी अभ्यर्थी ने बीएड डिग्री के आधार पर प्राथमिक शिक्षक की नियुक्ति पाई है, उनकी नियुक्ति निरस्त की जाएगी। इस मामले में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने आदेश जारी किया है।
इससे पहले अप्रेल में सुप्रीम कोर्ट ने बीएड डिग्री वाले प्राइमरी टीचरों को बड़ी राहत दी थी। कोर्ट ने साफ कहा था कि जो भर्तियां 11 अगस्त 2023 से पहले हुई थीं, उन पर 11 अगस्त 2023 के फैसले का असर नहीं होगा। हालांकि कोर्ट ने कहा था कि किसी कोर्ट से उनकी अयोग्यता को लेकर कोई आदेश नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि केवल डिप्लोमा धारक ही प्राइमरी शिक्षक भर्ती के पात्र अभ्यर्थी होंगे। बीएड धारक प्राइमरी भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।
Updated on:
01 Sept 2024 10:40 am
Published on:
01 Sept 2024 10:39 am
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