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25 वर्ष आगे की प्लानिंग के साथ अमृत परियोजना फेस टू का होगा काम

छतरपुर शहर में 74 करोड़ से काम किया गया है। इसमें पानी की आठ टंकियां बनाईं गईं हैं। पाइप लाइन बिछाई गई है। पचेर घाट पर पानी फिल्टर यूनिट लगाई गई है।

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शहर का प्रमुख चौराहा छत्रसाल चौक

छतरपुर. अमृत परियोजना 2.0 के जरिए शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही शहर के तालाबों को संवारने की योजना भी है। शहर में पीने का पर्याप्त पानी मुहैया कराने के लिए अमृत 2.0 की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत शहर में धसान नदी, पचेर घाट, बूढ़ा बांध और खौप ताल से पानी लाया जाएगा। यहां से पानी लाने से छतरपुर शहर के प्रत्येक घर में आगामी वर्ष 2045 तक पानी की कोई समस्या नहीं आएगी।

25 हजार घरों में पहुंचेगा पानी


अमृत योजना के पहले चरण से छतरपुर शहर में 74 करोड़ से काम किया गया है। इसमें पानी की आठ टंकियां बनाईं गईं हैं। पाइप लाइन बिछाई गई है। पचेर घाट पर पानी फिल्टर यूनिट लगाई गई है। इसके साथ ही और कार्य कराए गए हैं। अब अमृत टू में तीन करोड़ रुपए की लागत से शहर में और चार टंकियों का निर्माण किया जाएगा। 25 हजार 500 घरों में पानी दिया जाएगा। ताकि 2045 तक शहर में पानी की कोई किल्लत नहीं रहे।

बदलेगी तालाबों की सूरत


अमृत 2.0 योजना में शहर के चार तालाबों को भी संवारा जाएगा। सीएमओ ने बताया कि तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए 3 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। इसको लेकर भी योजना तैयार की गई है। अमृत 2.0 में योजना को आगामी भविष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार करवाया जा रहा है, ताकि आने वाले 25-30 वर्षों तक शहर के लोगों को इनका लाभ मिलता रहे।

सीवर प्रोजेक्ट भी बनाया


इस वित्तीय साल में प्रदेश सरकार द्वारा अमृत योजना 2.0 को स्वीकृति प्रदान करते हुए छतरपुर शहर के किशोर सागर, प्रताप सागर, ग्वाल मंगरा और संकट मोचन तालाब को गंदगी से निजात दिलाने सीवर लाइन बिछाने के लिए 281 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। जिसके तहत शहर में 376 किमी सीवर लाइन बिछाकर तालाबों को गंदगी से मुक्त किया जाना है। शहर के प्रताप सागर, ग्वाल मंगरा और संकट मोचन तालाब में एक-एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और एक-एक पंपिंग स्टेशन स्थापित कर सौंदर्यीकरण किया जाना है। जिसमें किशोर सागर तालाब, रानी तलैया, विंध्यवासिनी तलैया और सांतरी तलैया को जोड़ते हुए 376 किमी की सीवर लाइन बिछाई जाएगी। ताकि शहर के घरों से निकालने वाले गंदे पानी से इन तालाबों को सुरक्षित किया जा सके।

इनका कहना है


नागरिक सुविधाओं के विस्तार की योजना पर लगातार काम किया जा रहा है। भविष्य को देखते हुए योजनाएं बनाई गई है। जल्द ही इन पर काम भी शुरू होगा।
माधुरी शर्मा, सीएमओ