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मरने से पहले किसान ने बीजेपी नेता पर लगाया हत्या का आरोप, आधा दर्जन लोगों ने किया था हमला

खेत पर सोते वक्त किसान पर हुआ था जानलेवा हमला..अस्पताल में इलाज के दौरान किसान ने तोड़ा दम...  

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छतरपुर. छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र के अतरार गांव में एक किसान की हत्या का मामला सामने आया है। हत्या का आरोप स्थानीय भाजपा नेता पर है। किसान ने खुद मरने से पहले भाजपा नेता व उसके साथियों के नाम बताए थे। वहीं मृतक किसान के परिजन का आरोप है कि पुलिस भाजपा नेता को बचाने का प्रयास कर रही है। घटना अतरार गांव की है जहां रविवार की रात बुजुर्ग किसान अपने खेत की रखवाली करने गया था, जहां गांव के ही आधा दर्जन से अधिक लोगों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। मारपीट में बुरी तरह घायल हुए किसान की इलाज के दौरान मौत हो गई थी ।

ये है मामला
अतरार गांव के रहने वाले किसान घनश्याम मिश्रा की खेत में रखवाली के वक्त हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक घनश्याम के बेटे ध्रुव कुमार मिश्रा ने बताया कि उसके पिता घनश्याम उम्र 73 वर्ष रोज की तरह रविवार की शाम खेत की रखवाली करने के लिए घर से निकले थे। उनके साथ छोटा बेटा गोविंद मिश्रा और नौकर ओमनारायण भी था। ध्रुव कुमार मिश्रा का आरोप है कि रात करीब 9.30 बजे गांव का ही भाजपा नेता मनोज मिश्रा अपने साथियों के साथ खेत पर पहुंचा और उसके पिता पर लाठी-डंडों तथा कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले के कारण घनश्याम मिश्रा के सिर तथा हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं, वहीं नौकर ओमनारायण भी घायल हो गया। मौके की नजाकत को देखते हुए घनश्याम का दूसरा बेटा गोविंद मौके से भागकर घर पहुंचा और परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी। परिवार के लोग जब खेत पर पहुंचे तो आरोपी धमकी देकर मौके से भाग गए। घटना की जानकारी पुलिस और एंबुलेंस को दी गई। लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें पुलिस से कोई सहायता नहीं मिली। एंबुलेंस से घायल घनश्याम मिश्रा को अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्राण त्यागने से पहले घनश्याम मिश्रा ने बताया कि उनके ऊपर भाजपा नेता मनोज मिश्रा के साथ डीआइजी ऑफिस में पदस्थ राम नारायण मिश्रा, गांव के पोटे, बबलू तिवारी, जम्मू काछी, मुन्ना मिश्रा एवं दो अन्य लोगों ने हमला किया था।

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पुलिस ने नहीं उठाया फोन, डायल-100 को नेता ने भगाया
मृतक के बेटे ध्रुव कुमार ने ये भी बताया कि घटना के बाद उसने मदद के लिए सटई थाने के हेड कांस्टेबल रामलाल प्रजापति को फोन किया था लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। बाद में जब डायल-100 को बुलाया गया तो भाजपा नेता मनोज मिश्रा ने डायल-100 को गुमराह कर भगा दिया। ध्रुव का कहना है कि आरोपी मनोज मिश्रा ने पूर्व में उसके पिता घनश्याम की जमीन अपने नाम करा ली थी जिसका मामला कोर्ट में चल रहा है। इसी मामले को लेकर मनोज मिश्रा नाराज था और अपना गुस्सा शांत करने के लिए उसने घनश्याम मिश्रा को मौत के घाट उतार दिया है।

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