
संगठनों ने जताया विरोध तो प्रशासन हुआ सक्रिय
छतरपुर. जिले में एक पुजारी की शर्मनाक करतूत सामने आई है. वर्ष 2003 में कांग्रेस सरकार को बदलने का अभियान जिस मोठे के महावीर मन्दिर से उमा भारती ने शुरु किया और सफलता पाई, उस मन्दिर के पुजारी ने 95 वर्षीय मां का शव मन्दिर परिसर में दफना कर समाधि बना दी। इस बात को लेकर हिन्दू संग़ठन नाराज हो गया और विरोध के स्वर मुखर हो गए। अंतत: प्रशासन ने पुजारी की मां का शव समाधि से निकालकर अंतिम संस्कार करवाया है।
ये है मामला: मोटे के महावीर मंदिर में 14 अक्टूबर 2022 को पुजारी कमलेश बब्बा जू की माता भगवती देवी लोहिया की मृत्यु के उपरांत उनके शरीर को मन्दिर परिसर में स्थित शरीर महाराज की समाधि के बगल में दफना दिया। जिस संबंध में सिविल लाइन थाने में 15 अक्टूबर को आवेदन देते हुए हिंदू धर्म एवं मोटे के महावीर समिति के लोगों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि हिंदू धर्म में किसी भी शरीर को दफनाया नहीं जाता। लोगो ने आरोप लगाया कि पुजारी कमलेश बब्बा जू मंदिर समाधि बनाई जो आपत्तिजनक है।
मंगलवार को मोटे के महावीर मंदिर प्रांगण में स्थित संत शरीर आश्रम से प्रशासन की मौजूदगी में एक शव को समाधि से बाहर निकलवाकर उसका अंतिम संस्कार कराया गया। दरअसल इस समाधि में संत शरीर आश्रम के पुजारी कमलेश बब्बा जू के द्वारा 14 अक्टूबर को अपनी मां का शव दफनाया गया था।
हिन्दू संगठनों के द्वारा इस मामले को लेकर प्रशासन से शिकायत की गई थी कि सनातन संस्कृति में इस तरह के किसी व्यक्ति का शव मंदिर क्षेत्र में नहीं दफनाया जा सकता। इस शिकायत के बाद नगर पालिका सीएमओ ने शव को बाहर निकलवाने के लिए प्रशासनिक टीम भेजी और मंगलवार को प्रशासनिक मौजूदगी में यह शव निकालकर अंतिम संस्कार के लिए सागर रोड स्थित मुक्तिधाम भेजा गया। हिन्दू संगठनों से जुड़े विनेाद मिश्रा ने बताया कि कमलेश बब्बाजू के नाम से खुद को मंदिर का पुजारी कहने वाले कमलेश गुप्ता अनैतिक रूप से यहां कब्जा किए हुए हैं और इस तरह की गतिविधियों से सनातन को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से दखल देकर इस मंदिर क्षेत्र के कब्जे को छुड़ाने की मांग की है।
Published on:
19 Oct 2022 12:25 pm
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