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छतरपुर के गांवों में डिजिटल क्रांति की नई उड़ान, ड्रोन मैपिंग से तैयार हुए 1.69 लाख संपत्ति कार्ड

पहले ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की जमीन का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड न होने के कारण अक्सर आपसी विवाद और कानूनी उलझनें बनी रहती थीं।

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एआइ तस्वीर

अब कागजों की कमी से रिजेक्ट नहीं होंगे ग्रामीणों के बैंक लोन, जिले ने प्रदेश के टॉप शहरों में बनाई जगह

बुंदेलखंड के हृदय स्थल छतरपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में एक मौन डिजिटल क्रांति आकार ले रही है। दशकों से अपनी ही जमीन पर बिना किसी कानूनी दस्तावेज के रह रहे ग्रामीणों के लिए अब ड्रोन सर्वे वरदान साबित हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के तहत जिले के गांवों की आबादी का हवाई सर्वे (ड्रोन मैपिंग) पूरा होने के बाद अब जमीनी हकीकत बदल गई है। जिले में अब तक 1 लाख 69 हजार 389 संपत्ति कार्ड तैयार कर ग्रामीणों को सौंपे जा चुके हैं, जो छतरपुर को प्रदेश के अग्रणी जिलों की श्रेणी में खड़ा करता है।

ड्रोन कैमरों ने मापी घर की चौहद्दी, खत्म हुआ वर्षों का विवाद

पहले ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की जमीन का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड न होने के कारण अक्सर आपसी विवाद और कानूनी उलझनें बनी रहती थीं। लेकिन अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों के जरिए हुई मैपिंग ने हर घर और बाड़े की सटीक पैमाइश की है। इस डिजिटल नक्शे के आधार पर जो संपत्ति कार्ड (प्रॉपर्टी कार्ड) तैयार हुए हैं, उन्होंने न केवल मालिकाना हक को मजबूती दी है, बल्कि गांवों में सीमा विवादों को भी न्यूनतम कर दिया है।

बैंकों के लिए अब गारंटी बना संपत्ति कार्ड

इस पूरी प्रक्रिया का सबसे बड़ा लाभ बैंकिंग क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। छतरपुर जिले के हजारों किसान और ग्रामीण अब तक अपनी संपत्ति पर लोन लेने से इसलिए वंचित रह जाते थे क्योंकि उनके पास शहरी क्षेत्रों की तरह डायवर्सन या रजिस्ट्री के पुख्ता कागज नहीं होते थे।

लोन रिजेक्शन में कमी- बैंक अब इन डिजिटल संपत्ति कार्डों को वित्तीय सुरक्षा के रूप में स्वीकार कर रहे हैं।

वित्तीय समावेशन- प्रदेश भर में अब तक इन कार्डों के आधार पर 151.63 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है, जिसमें छतरपुर के ग्रामीणों की भी भागीदारी है।

पारदर्शिता- डिजिटल रिकॉर्ड होने के कारण अब दस्तावेजों के सत्यापन में लगने वाला समय भी काफी कम हो गया है।

फैक्ट फाइल

संपत्ति कार्ड वितरण के मामले में छतरपुर ने प्रदेश के कई विकसित जिलों को पीछे छोड़ दिया है। जहां मंदसौर और सागर जैसे जिले शीर्ष पर हैं, वहीं छतरपुर 1.69 लाख कार्डों के साथ अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है।

जिला वितरित संपत्ति कार्ड

मंदसौर 201535

सागर 195542

उज्जैन 193158

छतरपुर 169389

खरगोन 172220

कार्ड वितरण के लिए शिविर

जिला प्रशासन के अनुसार, ड्रोन सर्वे के बाद छतरपुर ने कार्ड वितरण की प्रक्रिया को काफी तेजी से पूरा किया है। जिन गांवों में अभी कार्ड वितरण शेष है, वहां शिविर लगाकर ग्रामीणों को उनके हक के दस्तावेज सौंपे जा रहे हैं।

इनका कहना है

ड्रोन मैपिंग के माध्यम से हमने जिले के हर एक घर की सटीक चौहद्दी तय की है। छतरपुर जिला अब प्रदेश में सर्वाधिक संपत्ति कार्ड वितरित करने वाले अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है। हमारा लक्ष्य है कि शेष बचे कार्डों का वितरण भी जल्द ही शिविरों के माध्यम से कर दिया जाए ताकि कोई भी पात्र ग्रामीण अपने अधिकार के दस्तावेज से वंचित न रहे.

आदित्य सौनकिया, अधीक्षक भू-अभिलेख, जिला छतरपुर