24 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पालतू गाय लावारिस छोड़ी तो लगेगा 1000 का जुर्माना, घर के बाहर कचरा फेंकने पर 500 की कटेगी रसीद

नगर पालिका के सफाई निरीक्षकों और विशेष दस्तों को शहर में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यह टीमें सुबह और शाम के वक्त प्रमुख चौराहों, हाइवे और रिहायशी इलाकों का निरीक्षण करेंगी।

2 min read
Google source verification
kachra

सडक़ किनारे कचरा व आवारा मवेशियों की समस्या

सीएमओ ने जारी किए आदेश, कचरा गाडि़यों की मॉनिटरिंग भी बढ़ाई

शहर की सडक़ों को आवारा पशुओं के आतंक और कचरों के जगह-जगह ढेर से मुक्ति दिलाने नगर पालिका प्रशासन ने अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। आए दिन सड़कों पर होने वाले हादसों और गंदगी की समस्या को देखते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) माधुरी शर्मा ने आदेश जारी किए हैं। अब यदि कोई पशुपालक अपने निजी लाभ के लिए दूध निकालने के बाद गायों को सडक़ पर लावारिस छोड़ता है, तो उसकी जेब पर भारी चोट पड़ेगी।

एप से कचरा वाहनों की निगरानी

इसके साथ ही एप के जरिए कचरा वाहनों की मॉनिटरिंग की जा रही है। ताकि कचरा शहर में नजर न आएं। एप में पंजीकृत शहरवासियों को कचरा वाहनों की लोकेशन अपडेट मिलती है। जिससे उन्हें कचरा गाड़ी आने का सटीक समय पता चलेगा। साथ ही जीपीएस ट्रैकिंग से वाहन चालक कचरा गाड़ी रोजाना वार्डों में जाना जरूरी हो गया है। साथ ही कचरा वाहनों के संचालन के लिए खराब गाडि़यों में सुधार कराया जा रहा है।

जुर्माने की दरें तय

पशुपालकों पर कार्रवाई- यदि कोई पालतू गाय या अन्य पशु सडक़ पर घूमता हुआ पाया जाता है, तो संबंधित मालिक को तत्काल 1000 रुपए का जुर्माना भरना होगा।

कचरा फेंकने वालों पर नजर- जो लोग अपने घरों का कूड़ा सडक़ों पर या खुले स्थानों पर फेंकते हैं, उन पर 500 रुपए की चालानी कार्रवाई की जाएगी।

मवेशियों की सुरक्षा, सडक़ हादसों को रोकने महत्वपूर्ण

नगर पालिका का यह कड़ा रुख केवल राजस्व वसूलने के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। वर्तमान में शहर के मुख्य मार्गों और नेशनल हाइवे पर पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। हाइवे अथॉरिटी द्वारा की गई बैरिकेडिंग को दरकिनार कर पशु बीच सडक़ पर बैठते हैं, जिससे वाहन टकराने की घटनाएं रोज की बात हो गई हैं। इसके साथ ही, सडकों पर फेंका गया कचरा और विशेष रूप से पॉलिथीन खाने से कई गायों की असमय मृत्यु हो रही है। प्रशासन का मानना है कि जब तक पशुपालकों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक इन मौतों और हादसों को रोकना नामुमकिन है।

मैदानी अमला रहेगा सक्रिय, गश्त के लिए बनी टीमें

सीएमओ माधुरी शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह केवल कागजी आदेश नहीं है। नगर पालिका के सफाई निरीक्षकों और विशेष दस्तों को शहर में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यह टीमें सुबह और शाम के वक्त प्रमुख चौराहों, हाइवे और रिहायशी इलाकों का निरीक्षण करेंगी। यदि किसी सडक़ पर पालतू पशु मिले, तो उनके मालिकों के खिलाफ मौके पर ही रसीद काटी जाएगी।

सीएमओ की अपील- सहयोग करें, दंड से बचें

सीएमओ ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा है कि शहर को सुंदर और सुरक्षित बनाना केवल प्रशासन का दायित्व नहीं है। उन्होंने कहा पशुपालक अपने पशुओं को खूंटे से बांधकर रखें और उन्हें चारा-पानी घर पर ही उपलब्ध कराएं। कचरा हमेशा कचरा संग्रहण वाहन (डोर-टू-डोर गाड़ी) में ही डालें। उन्होंने चेतावनी दी है कि अब किसी भी प्रकार की सिफारिश या नरमी नहीं बरती जाएगी, क्योंकि शहर की सुरक्षा और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।