12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डबल मर्डर केस में आरोपियों को दोहरा आजीवन कारावास

दुकान से सामान देने से मना करने पर 5 नवंबर 2016 को हुई थी हत्या  

2 min read
Google source verification
chhatarpur.jpg

छतरपुर. रुपेश गुप्ता प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश बिजावर ने दोहरे हत्याकांड के आरोपियों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला साल 2016 का है जब पीटपीटकर आरोपियों ने दो लोगों की हत्या कर दी थी। कोर्ट ने विजय बहादुर, राजेन्द्र सिंह, रविन्द्र सिंह, भुवानी सिंह, अजय बहादुर सिंह, मानवेन्द्र सिंह, रावबहादुर सिंह, जंगबहादुर सिंह सभी निवासी ग्राम डारगुवां थाना पिपट को हरिराम की हत्या के लिए आजीवन कारावास एवं 5000-5000 रुपए का अर्थदण्ड और शंकरदयाल की हत्या के लिए आजीवन कारावास एवं 5000-5000 रुपए का अर्थदण्ड, धारा 307 में 05-05 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2000-2000 रुपए के अर्थदण्ड धारा 323/149 में 6-6 माह का कठोर कारावास एवं धारा 148 भादवि में 1-1 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया।

दुकान से सामान न देने पर की थी हत्या
5 नवंबर 2016 को कालका प्रसाद दुबे ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि रात्रि 10:30 बजे वह अपने परिवार के साथ घर के अंदर खाना खा रहा था। तभी उसके चाचा हरिराम दुबे के चिल्लाने की आवाज आई। मैं और परिवार के पिता भाई कृष्णावतार, चचेरा भाई अलखराम, विनीत दुबे और लोग चाचा के चिल्लाने पर पहुंचे तो देखा कि गांव के भुवानी सिंह कुल्हाड़ी, जंगल सिंह लाठी, बृजेन्द्र सिंह कुल्हाडी, अज्जू लाठी, मानवेन्द्र सिंह लाठी, जन्टू राजा कुल्हाडी, भिया राजा लाठी और सतेन्द्र लाठी से चाचा हरीराम की मारपीट कर रहे थे। चाचा नीचे जमीन में पड़े थे, हम सभी लोग बचाने पहुंचे तो इन लोगों में से जंगलसिंह ने मुझे लाठी पीठ में मारी, बृजेन्द्र ने 2 लाठी पैर में मारी, भुवानी सिंह ने कुल्हाडी का बैट मेरे सिर में मारा। मेरे भाई कृष्ण अवतार को इन सभी ने अपने हथियारों से हमला कर घायल किया। पिता शंकर दयाल दुबे को कुल्हाडी एवं अन्य हथियारों से मारा। मां को भी मारपीट कर चोट पहुंचाई। आरोपियों ने दुकान से सामान न देने पर मेरे चाचा हरिराम दुबे एवं मेरे पिता को जानलेवा हमला कर दिया। घर में आग लगाई बचाने वालों को जान से मारने की धमकी दी। सूचना पर पुलिस ने धारा 307,294,323,324,506बी,436,147,148,149 भादवि के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया। विवेचना के दौरान शंकर लाल दुबे एवं हरिराम दुबे की अभियुक्तगण द्वारा पहुचाई गयी चोटों के कारण मृत्यू होने से प्रकरण में धारा 302 भादवि का इजाफा किया गया एवं आवश्यक विवेचना उपरांत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

यह भी पढ़ें- कॉलेज प्रोफेसर की अश्लील हरकत, तबीयत पूछने के बहाने छात्रा से की छेड़छाड़