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आयकर विभाग ने श्वेता-आरती के 15 साल के निवेश की जानकारी मांगी

आयकर विभाग की अन्वेषण विंग भोपाल कर रही जांच, श्वेता विजय जैन के भाई की संपत्ति का भी मांगा ब्योरा  

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Income tax department asked for information about 15 years investment of Shweta-Aarti

Income tax department asked for information about 15 years investment of Shweta-Aarti

छतरपुर/सागर. बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले की आरोपी श्वेता विजय जैन और आरती दयाल की प्रापर्टी की पड़ताल आयकर विभाग ने शुरू की है।
दोनों के करीबियों और रिश्तेदारों के निवेश और संपत्तित का ब्योरा सागर और छतरपुर रजिस्ट्रार कार्यालय से मांगा है। संपत्तियों को खरीदने के लिए रकम कहां से आई, इसका हिसाब- किताब भी जांचा जा रहा है। इन आरोपियों की संपत्ति की आयकर विभाग के भोपाल की इनवेस्टिगेशन विंग जांच कर रही है।
आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने दोनों जिलों को हनी टै्रप के चारों आरोपियों का पैन नंबर भेजा है। इनमें सागर की श्वेता विजय जैन और छतरपुर की आरती दयाल शामिल हैं। श्वेता विजय जैन के भाई राजा जैन का भी पैन नंबर पंजीयक को भेजकर जमीन के खरीद-फरोख्त का रिकॉर्ड मांगा है। आयकर विभाग ने पिछले 15 साल में छतरपुर में इन लोगों द्वारा बनाई गई संपत्ति का ब्योरा देने को कहा है।
श्वेता का था फार्म हाउस: श्वेता विजय जैन द्वारा कुछ साल पहले बाघराज मंदिर के नजदीक एक आलीशान फार्महाउस बनवाया था। करीब २० हजार वर्गफीट भूखण्ड के बीच भव्य घर बनवाया था। हनी ट्रैप उजागर होने से कुछ महीने पहले ही बेंच दिया गया था। इसी में बनाए गए कॉटेज नुमा भवन में श्वेता के एनजीओ की गतिविधियों का संचालन होता था।
खंगाल रहे ऑनलाइन व ऑफलाइन रिकॉर्ड
आयकर डायरेक्टर के पत्र के बाद से दोनों जिलों के पंजीयक कार्यालय में पिछले पांच साल से लागू ऑनलाइन सिस्टम का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। जबकि ऑनलाइन सिस्टम के पहले का ऑफलाइन रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है। बताया जाता है कि इस पत्र के बाद से पंजीयक कार्यालय में इस पूरी छानबीन को गोपनीयता के साथ किया जा रहा है। संपत्तियों का ब्यौरा पहुंचने पर आयकर विभाग इन संपत्तियों को खरीदने में उपयोग की गई रकम की वैधानिकता की पड़ताल करेगा। हांलाकि अधिकारी इस संबंध में किसी पत्र या जानकारी जुटाने से इनकार कर रहे हैं।
ब्लैकमेल कर आरती ने बिल्डर से लिया था घर
सूत्रों के मुताबिक आरती दयाल ने छतरपुर में वर्ष 2017 में छतरपुर के बिल्डर से ड्यूप्लेक्स खरीदा है। जिसके दस्तावेज उप पंजीयक कार्यालय में खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा आरती दयाल ने 17 नवंबर 2014 में चंद्रपुरा पटवारी मौजा में 1500 वर्गफीट का प्लाट खरीदा था। खसरा नंबर 399/2/मिन-6 में आरती दयाल ने ये प्लॉट की रजिस्ट्री कराई थी। ये प्लॉट आरती ने पंकज दयाल से 3 लाख 7 हजार रुपए में खरीदा था। इस जगह अब एक आलीशान कॉलोनी बनाई गई है। जिसमें आरती ने बिल्डर से एक डुप्लेक्स की खरीदी की है। बताया गया है कि एक घर ब्लैकमेल कर हासिल किया गया है।