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MP News: वन विभाग में उस समय हलचल मच गई, जबछतरपुर वन वृत्त के सीसीएफ (CCF) नरेश सिंह यादव को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया गया। नोटिस में उनकी मासिक टूर डायरी पर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें लगभग 29 दिनों का दौरा दर्ज बताया गया है।
सूत्रों के मुताबिक टूर डायरी और दौरा-दैनंदिनी विवरण में यह उल्लेख है कि संबंधित अधिकारी लगभग पूरे महीने ही फील्ड भ्रमण पर रहे। इसी आधार पर नोटिस में यह सवाल किया गया है कि यदि पूरा महीना दौरे में बीता, तो कार्यालयीन कार्य कब और कैसे संपादित किए गए?
मामले में विभागीय सूत्रों का कहना है कि PCCF स्तर से जारी इस नोटिस में ccF से स्पष्टीकरण मांगा गया है। टूर प्रविष्टियों और कार्यालयीन उपस्थिति के बीच संतुलन को लेकर विभाग गंभीर नजर आ रहा है। मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि वन विभाग के भीतर इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज है। कुछ अधिकारियों का मानना है कि वरिष्ठ पदों पर बैठे अधिकारियों की कार्यप्रणाली का रिकॉर्ड पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की शंका की स्थिति न बने। वहीं, कुछ का कहना है कि फील्ड विजिट वन विभाग की कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा है। फिलहाल विभागीय स्तर पर स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा की जा रही है। जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। इस पूरे घटनाक्रम ने वन महकमे में प्रशासनिक अनुशासन और कार्य-पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी है।
Updated on:
20 Feb 2026 12:02 pm
Published on:
20 Feb 2026 12:02 pm
