
ओएसटी केंद्र
नशा एक लत है जो आपके शरीर को तो खोखला करती ही है साथ में आपके परिवार के भविष्य को भी गर्त में डाल देती है। नशा केवल इंसान के लिए ही नहीं, बल्कि परिवार के लिए अभिशाप बनकर समाज में पनप रहा है। जिले में स्मैक, हीरोइन और इंजेक्शन जैसा नशा करने वाले लोगों का ग्राफ बढ़ा है। वहीं गांजा और शराब का सेवन करने वाले लोगों में युवाओं की तादात अधिक है। एक सर्वे के अनुसार जिले में लगभग चालीस प्रतिशत युवा नशे की लत से परेशान है। इसी को देखते हुए जिला अस्पताल में बना ओएसटी सेंटर नशा करने वालों को मददगार साबित हो रहा है। ओएसटी केंद्र नशा करने वालों को मुफ्त दवा देकर लत को दूर कर रहा है और अभी तक करीब दो सौ लोगों ने नशे से दूरी बना ली है।
ओएसटी सेंटर के प्रभारी बृजेश चतुर्वेदी का कहना है कि उनके यहां करीब 200 रजिस्ट्रेशन इस वर्ष हुए हैं। सेंटर में हीरोइन, स्मैग, इंजेक्शन के आदी लोग, गांजा और शराब जैसे नशे को दूर करने की दवा दी जाती है। यह दवा कारगार है। यदि किसी व्यक्ति जो नशे का सेवन करता है उसने एक साल तक दवा का सेवन किया तो शत प्रतिशत नशामुक्त हो जाता है।
डोज के हिसाब से दवा
एसटी में नशे के आदी व्यक्ति को उसके नशे के डोज के हिसाब से दवा दी जा रही है। इसमें चिकित्सक के मार्गदर्शन में दवा का वितरण और सेवन कराया जाता है। डॉक्टर विक्टिम से उसकी नशे की हिस्ट्री और सेवन की मात्रा जानकर उस हिसाब से दवा देते हैं।
ओएसटी सेंटर में जो भी रजिस्ट्रेशन हैं उनको चिकित्सक के मार्गदर्शन में ही दवा का सेवन कराया जा रहा है। इसके लिए दिन में एक बार दवा को लेना जरुरी है और सेंटर में ही आपको दवा खानी पड़ेगी। घर पर ले जाने की अनुमति नहीं है। कई बार नशा करने वाला दवा घर ले जाकर उसका सेवन नहीं करता इस वजह से उन्हें चिकित्सक के सामने ही दवा दे रहे हैं।
ओएसटी में नशा करने वाले दो सौ लोग रजिस्टर्ड हैं। जिनमें से करीब 170 लोग नियमित रूप से दवा का सेवन कर रहे हैं। ओएटी सेंटर नशा के विरुद्ध सकारात्मक कदम उठा रहा है।
समाज में नशे की लत को दूर करना हमारा मकसद है। करीब 170 लोग सेंटर पर दवा का सेवन कर रहे हैं। जिनकी लत छूट रही है। दवा शत प्रतिशत कारगर है। नियमित रूप से सेवन करना अनिवार्य है।
बृजेश चतुर्वेदी, प्रभारी ओएसटी केंद्र
Updated on:
17 Nov 2025 10:45 am
Published on:
17 Nov 2025 10:45 am
