छतरपुर

ब्रिटेन की संसद में गूंजा ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ, धीरेंद्र शास्त्री से पाकिस्तानी बोला- ‘मैं गीता पढ़कर हिंदू बना…’

Pandit Dhirendra Shastri: पंडित धीरेंद्र शास्त्री को ब्रिटेन की संसद में जनकल्याण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है।

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Jul 17, 2025
फोटो-iambageshwardhamsarkar instagram account

Pandit Dhirendra Shastri: इंटरनेशनल कथावाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने ब्रिटेन की संसद में भारत का परचम लहराया है। वह बुधवार को हाउस ऑफ कॉमन्स के विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां पर उन्हें वैश्विक प्रेम, मानवता, शांति और किए गए जनकल्याण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

ब्रिटेन की संसद में गूंजा हनुमान चालीसा का पाठ


कार्यक्रम के दौरान ब्रिटेन की संसद में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। जब कार्यक्रम के बीच में सवाल-जवाब का सत्र आया तो पाकिस्तान के मोहम्मद आरिफ ने मंच से पूछा कि मैं पाकिस्तान में पैदा हुआ था। मेरे माता-पिता हिंदूस्तानी थे। वो लोग 1947 में पाकिस्तान आ गए थे।

सनातन में पैदा होने वाले खुशनसीब- मोहम्मद आरिफ

मोहम्मद आरिफ ने कहा कि आप लोग खुशनसीब हैं कि सनातन धर्म में पैदा हुए हैं, लेकिन मैं मुस्लिम घर में पैदा हुआ। मैं भगवत गीता पढ़कर हिंदू हुआ हूं, लेकिन लोग मुझसे सवाल करते हैं कि मोहम्मद आरिफ नाम से हिंदू कैसे हो सकता है, क्या नाम बदलना जरूरी है। क्योंकि नाम बदलने में दिक्कत होती हैं। कागजी डॉक्यूमेंट में और क्या एक पाकिस्तानी कौम भारतीय नहीं हो सकता। अगर वह दिल से हिंदूस्तानी हो तो?

इस पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने जवाब देते हुए कहा कि सनातन धर्म एक मानवता की विचाधारा है और दिल में विचार बदलना ही सनातनी बनने के लिए काफी है। हमें ना आपके रंग से ना रूप से और नहीं देश से मतलब है। अगर आपर भागवत गीता पढ़ रहे हैं, उसका अनुसरण कर रहे हैं तो, आपका नाम कुछ भी हो। क्योंकि हम लोग तो रहीम रसखान के भी गीत गाते हैं और जब देश की बात आती है तो अब्दुल कलाम को भी सलाम ठोकते हैं। आप नाम बदलो या न बदलो आपने हिंदू मान लिया हमारे लिए यही काफी है।

सनातन धर्म विचार भारत की आत्मा- धीरेंद्र शास्त्री

बाबा बागेश्वर ने आगे कहा कि इन सभी कार्यों की प्रेरणा मुझे अपने शास्त्रों और भारतीय संस्कृति से मिलती है। जिसमें नर को ही नारायण मानकर सेवा का संदेश दिया गया है। सनातन धर्म ही वह विचार है जो कि पूरे विश्व को अपना परिवार मानते हुए कल्याण की कामना करता है। ये विचार भारत की आत्मा है। इसके साथ ही उन्होंने ब्रिटेन की संसद में टिप्पणी करते हुए कहा कि एक समय हुआ करता था। जब ब्रिटेन की संसद में भारत की बात सुनी नहीं जाती थी। आज बालाजी की कृपा से इसी संसद में हनुमान चालीसा से गूंज रहा है। यह सिर्फ भारत नहीं, मानवता की विजय है।

Updated on:
17 Jul 2025 02:14 pm
Published on:
17 Jul 2025 02:13 pm
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