
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय
छतरपुर. स्कूली शिक्षा विभाग ने इस बार बोर्ड परीक्षा परिणामों को सुधारने के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है, जिसमें छात्रों को तनावमुक्त तरीके से पढ़ाई करने, शिक्षकों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और स्कूल प्रबंधन को छात्रों के लिए सही शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। यह कदम पिछले साल की तुलना में बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जब हाईस्कूल का रिजल्ट प्रदेशभर में अपेक्षाकृत कम रहा था।
लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी स्कूलों और शिक्षकों को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। एडवाइजरी में लिखा गया है कि परीक्षा के लिए अब केवल दो महीने का समय बचा है और इस दौरान सभी प्रयासों को छात्रों के लिए अधिक से अधिक लाभकारी बनाने के लिए जुटा लिया जाए।
छात्रों को समय का सही प्रबंधन करने की सलाह दी गई है। उन्हें पढ़ाई के दौरान छोटे-छोटे स्लॉट में विभाजित करना चाहिए, जिससे वे आसानी से समय का सदुपयोग कर सकें। सोशल मीडिया और मोबाइल से बचें। इससे छात्रों का ध्यान बंट सकता है, जिससे पढ़ाई में असर पड़ता है। पहले आसान सवाल हल करें, फिर धीरे-धीरे कठिन प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित करें।
एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि रट्टा मारने से बेहतर है कि छात्र विषयों को समझने की कोशिश करें। केवल याद करने के बजाय छात्रों को विषय की गहरी समझ होनी चाहिए। मॉडल पेपर और पिछले साल के प्रश्नपत्रों को हल करने पर जोर दिया गया है, क्योंकि इससे छात्रों को परीक्षा का सही अनुभव मिलता है।
मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना महत्वपूर्ण है। छात्रों को परीक्षा से पहले घबराहट या डर महसूस करने से बचने के लिए आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए। रिवीजन को प्राथमिकता दें और एनसीईआरटी जैसी मान्यता प्राप्त किताबों का चयन करें।
छात्रों को नकारात्मक सोच से बचने के लिए परिवार और मित्रों से अपनी समस्याओं के बारे में बातचीत करने की सलाह दी गई है। छात्रों को यह भी कहा गया है कि वे दूसरों से अपनी तैयारी की तुलना न करें और आखिरी वक्त तक पढ़ाई छोडऩे से बचें। परीक्षा के दौरान जल्दबाजी में उत्तर न लिखें और नकल या धोखाधड़ी से बचें।
एडवाइजरी में स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों से भी विशेष अपेक्षाएं जताई गई हैं। कक्षा 10वीं और 12वीं के शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न न करने का निर्देश दिया गया है। इससे शिक्षक पूरी तरह से छात्रों की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। स्कूलों में उमंग और सीसीएलई जैसी अन्य गतिविधियों को समय पर संपन्न करने के बाद, यदि सिलेबस अधूरा है, तो मुख्य विषयों पर ध्यान दिया जाएगा।
स्कूलों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि विद्यार्थियों को विगत तीन वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास हो, जिसे होमवर्क के रूप में दिया जा सके। विद्यार्थियों को पिछले सालों में अधिकतम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की कॉपियां दिखाकर, उन्हें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ये कॉपियां विमर्श पोर्टल पर उपलब्ध हैं। छात्रों को बताया जाएगा कि अच्छे परिणामों पर राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
छात्रों को बोर्ड परीक्षा से संबंधित शंकाओं का समाधान करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 18002330175 उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपनी समस्याओं को विशेषज्ञों से हल कर सकेंगे। स्कूल के नोटिस बोर्ड पर भी परीक्षा से संबंधित क्या करें और क्या न करें का उल्लेख किया जाएगा, जिससे छात्रों को उचित मार्गदर्शन मिल सके।
इस एडवाइजरी के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग ने छात्रों को तनावमुक्त तरीके से परीक्षा की तैयारी करने और परिणाम सुधारने के लिए एक सकारात्मक दिशा दी है। इसके साथ ही, शिक्षकों और स्कूलों को भी शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने और छात्रों की मदद करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह कदम निश्चित रूप से छतरपुर जिले के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद करेगा।
Published on:
29 Dec 2024 10:42 am
बड़ी खबरें
View Allछतरपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
