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कबरई सागर फोरलेन के फेज टू के टेंडर हुए, नए डायरेक्टर के आने से काम शुरू हुआ

नेशनल हाइवे 34 पर सागर से कानपुर तक कबरई-सागर मार्ग को फोरलेन बनाने की योजना एक साल से पिछड़ रही है। लेकिन अब अब नए प्रोजेक्ट डायरेक्टर के आने से प्रक्रिया आगे बढऩे लगी है। फेज टू में होने वाले निर्माण के लिए हीरापुर साठिया घाट इलाके में निर्माण का काम का टेंडर पास हो गया है।

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कानपुर सागर नेशनल हाइवे

छतरपुर. नेशनल हाइवे 34 पर सागर से कानपुर तक कबरई-सागर मार्ग को फोरलेन बनाने की योजना एक साल से पिछड़ रही है। लेकिन अब अब नए प्रोजेक्ट डायरेक्टर के आने से प्रक्रिया आगे बढऩे लगी है। फेज टू में होने वाले निर्माण के लिए हीरापुर साठिया घाट इलाके में निर्माण का काम का टेंडर पास हो गया है। वहीं, फेज वन में सागर से मोहारी तक काम जारी है। लेकिन छतरपुर के हिस्से के फेज 2, 3 और 4 का काम होना है, जिसमें से 3 और 4 के टेंडर भी नहीं हुए हैं।

2023 में बनी थी डीपीआर


सागर से कानपुर तक फोरलेन हाइवे बनाने के लिए अप्रेल 2023 में डीपीआर मंजूर कर लिया था। डीपीआर की मंजूरी के साथ भूतल परिवहन विभाग ने 2026 फोरलेन निर्माण को पूरा करने की टाइमलाइन तय की है, लेकिन एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) प्रक्रिया को पूरा नहीं कर सकी है। सागर से कबरई (महोबा) तक 232 किलोमीटर लंबी सडक़ का निर्माण पांच फेज में किया जा रहा है। पहले फेज के तहत सागर से मोहारी गांव तक 50 किलोमीटर लंबे हाइवे का काम एनएचएआई की सागर इकाई के अधीन है। पहले फेज का काम भी जारी है। शेष 182 किलोमीटर लंबे फोरलेन चार पेज का काम एनएचएआई की छतरपुर इकाई को कराना है। फेज दो, तीन, चार और पांच के तहत 182 किलोमीटर लंबे फोर लेन का निर्माण किया जाना है। इसका काम अभी शुरू नहीं हुआ है।

सबसे बड़ा हिस्सा छतरपुर प्रोजेक्ट का


एनएचएआई की छतरपुर इकाई के पास है, लेकिन छतरपुर ईकाई में प्रोजेक्ट डायरेक्टर (पीडी) का पद तीन माह खाली रहा। जून माह में तत्कालीन प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीएल चौधरी को सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था, तब से अब नए अधिकारी की नियुक्ति हुई है। जिसके बाद प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है।

दूसरे फेज में 39 किलोमीटर का हिस्सा बनेगा


दूसरे फेज के तहत मोहारी से साठिया घाटी (हीरापुर) तक 39 किलो मीटर लंबे फोरलेन निर्माण के लिए 351 करोड़ रुपए लागत का टेंडर मंजूर कर लिया गया है। यह टेंडर जीत इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को मिला है। इसी प्रकार से पांचवें फेज के तहत मप्र की सीमा पर स्थित कैमाहा बैरियर से महोबा होते हुए कबरई तक 45 किलोमीटर लंबे फोरलेन का निर्माण बंसल कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। हालांकि अभी निर्माण शुरू नहीं हुआ है।

लेकिन, तीसरे और चौथे फेज का टेंडर ही नहीं हुआ


छतरपुर जिले की सीमा में सांठिया घाटी से चौका गांव तक तीसरे फेज में और चौका गांव से कैमाहा बैरियर तक चौथे फेज में कुल 98 किलोमीटर लंबे फोरलेन का निर्माण किया जाना है, लेकिन अब तक दोनों फेज के निर्माण के लिए एनएचएआई ने टेंडर ही जारी नहीं किए हैं। तीसरे फेज में 55 किमी लंबा फोर लेन 717 करोड़ रुपए और चौथे फेज में 43 किमी लंबी सडक़ 688 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाना है।

इनका कहना है


दूसरे फेज का टेंडर मंजूर हो गया है। इसी सप्ताह कंपनी ने काम भी शुरू कर दिया है। पांचवें फेज का काम भी जल्द ही शुरू हो जाएगा। तीसरे और चौथे फेज के लिए टेंडर की कार्रवाई एनएचएआई दिल्ली से हो रही है।

देवेन्द्र चापेकर ,प्रबंधक एनएचएआई छतरपुर