
कुटनी डेम
छतरपुर. हमारा बुंदेलखंड पर्यटन की दृष्टि से काफी समृद्ध है। विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो के आसपास कई ऐतिहासिक और प्राकृतिक खूबसूरती से भरे हुए पर्यटक स्थल हैं जहां पर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिता सकते हैं। अगर घूमने की जगह की बात की जाए तो यहां आस-पास कई पर्यटन स्थल और पिकनिक स्पॉट हैं, जिनमें खजुराहो के चंदेलकालीन हिन्दू एवं जैन मंदिर, कुटने डैम, पांडव फॉल, रनेह फॉल, बेनीगंज बांध, केन घडिय़ाल, बुंदेलखंड का केदारनाथ कहा जाने वाला जटाशंकर धाम, दिव्य चमत्कारी स्थान बागेश्वर धाम, संग्रहालय, भीमकुंड, पन्ना टाइगर रिजर्व सहित केन नदी है। जहां पर्यटक इसकी सुंदरता को देखने के लिए आते हैं। मानसून का मौसम समाप्त होने लगा है ऐसे में खजुराहो में पर्यटकों का जमावड़ा भी शुरू होने लगा है।
खजुराहो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है। अपनी प्राचीन व विश्व प्रसिद्ध मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर मुख्यत हिंदू और जैन मंदिर है। खजुराहो के प्रसिद्ध मंदिर अत्यंत ही मनमोहक है। इसे मंदिरों का शहर भी कहा जाता है। और अपनी कामुक कलाकृति के लिए समुचे विश्व में अलग ही स्थान बनाए हुए है, खजुराहो आप बस ट्रेन और हवाई जहाज यात्रा कर पहुंच सकते हैं खजुराहो के लिए सीधे दिल्ली से हवाई और रेल सेवा चालू है जिससे आप आसानी से खजुराहो पहुंच सकते हैं, खजुराहो से खजुराहो एयरपोर्ट की दूरी 3 किलोमीटर तो वही खजुराहो रेलवे स्टेशन महज 8 किलोमीटर दूरी पर स्थित है, पर्यटक स्पॉट की बात की जाए तो जो ऊपर बतलाए हुए टूरिस्ट स्पॉट खजुराहो से 50-60 किलोमीटर की रेंज में ही बसे हुए हैं।
गाइड विनोद का मानना है कि खजुराहो को आगरा से विमान सेवा से जोडऩे की जरूरत है। वंदे भारत एक्सप्रेस शुरु होने से राहत मिली है, लेकिन अभी राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की भी जरूरत है। विदेश से आने वाले सैलानियों में बड़ी संख्या में 60 प्लस आयु वर्ग के होते हैं। जिन्हें पर्यटन के साथ कम्फर्ट की जरुरत होती है। ऐसे में खजुराहो की कनेक्टिविटी का असर पर्यटन पर पडता है। उनका ये भी कहना है कि रिलीजियस और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने से भी लाभ होगा। खजुराहो में वल्र्ड क्लास सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनने से भी लाभ होगा। खजुराहो के कारोबारी परवेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए महानगरों से संपर्क बढ़ाना होगा। साथ ही खजुराहो में सैलानी अधिक दिन तक रुक सकें इसके लिए आसपास के पर्यटन स्थलों को सडक़ों से जोडना होगा। जैसे अजयगढ़, कालिंजर किला, पन्ना, नेशनल पार्क व अन्य दर्शनीय स्थलों को खजुराहो के सर्किट से जोडऩा होगा।
Published on:
19 Sept 2024 10:45 am
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