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MP ELECTION : प्रतिदिन सौ किमी का सफर,दिल में बस एक आस

विधानसभा चुनाव के प्रचार के 11 दिन शेष,हर उम्मीदवार का प्रचार रात 10 बजे तक

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chhindwara

प्रतिदिन सौ किमी का सफर,दिल में बस एक आस

छिंदवाड़ा.प्रतिदिन औसतन सौ किमी का सफर,दर्जन भर सभाएं,हर खासो-आम से नमस्कार और अंत में मतदान की अपील। विधानसभा चुनाव के प्रचार के अंतिम 11 दिन शेष रहते हर उम्मीदवार का इस समय यहीं रुटीन हो गया है। सुबह 8 बजे से देर रात 10 बजे तक हर मतदाता तक पहुंचने की जद्दोजहद 26 नवम्बर की शाम 5 बजे तक जारी रहेगी। पूरे जिले की सातों विधानसभाओं के गांव और शहर 11815 वर्ग किमी के दायरे में हैं। ये इलाके एक नगर निगम,6 नगरपालिका और दस नगर पंचायतें, 775 ग्राम पंचायत तथा दो हजार गांव की प्रशासनिक इकाइयों में बंटे हुए है। प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस समेत अन्य दलों के प्रत्याशी इन क्षेत्र की सरहद को छूने के लिए दिन-रात प्रयासरत है।
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छिंदवाड़ा: उभेगांव की सबसे अधिक दूरी
जिला मुख्यालय की विधानसभा छिंदवाड़ा का 50 फीसदी हिस्सा नगर निगम में आता है तो वहीं ग्रामीण क्षेत्र 58 पंचायतों में सिमटा है। इसकी सीमाओं का दायरा देखा जाए तो सबसे अधिक दूरी औसतन 30 किमी उभेगांव है। प्रमुख सडक़ों में नागपुर रोड में सर्रा,परासिया रोड में गांगीवाड़ा,नरसिंहपुर रोड में राजाखोह और सिवनी रोड में उमरिया इसरा अंतिम सीमा है। अंदर ही अंदर ग्रामीण क्षेत्र देखा जाए तो 100 किमी वर्ग से अधिक भ्रमण करना पड़ता है। कांग्रेस के दीपक सक्सेना और भाजपा के चौधरी चंद्रभान सिंह को चुनाव प्रचार में इन गांवों में घूमना पड़ रहा है।
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चौरई: 96 किमी दूर पड़ता है बगदरा
चौरई विधानसभा क्षेत्र चौरई,बिछुआ और चांद के नगर और गांवों में सिमटा हुआ है। इस विधानसभा की अंतिम सीमा अधिकतम 96 किमी दूर अमरवाड़ा-रामगढ़ रोड के पास बगदरा में हैं। सिवनी रोड में समसवाड़ा के आगे घोड़ावाड़ी, छिंदवाड़ा रोड में चमनगांव,बिछुआ में खमारपानी के आगे चौरापठार इसका सीमा क्षेत्र है। पेंच पार्क के बफरजोन में हलाल,कुंभपानी जैसे क्षेत्र आते हैं। इस विधानसभा के बूथों को नापने में भाजपा-कांग्रेस समेत अन्य प्रत्याशियों को पसीना निकल जाता है। खमारपानी के पास मवासी इलाका है,जहां की भाषा हिन्दी से अलग है। यह भी किसी भी उम्मीदवार के लिए चुनौती होती है। इस विधानसभा से सिवनी और महाराष्ट्र जिले की सीमा जुड़ती नजर आती है।
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परासिया: 37 किमी दूर पड़ता है भोकई
परासिया विधानसभा क्षेत्र की सीमा छिंदवाड़ा,तामिया,उमरेठ और जुन्नारदेव रोड से जुड़े गांवों से जुड़ी है। छिंदवाड़ा रोड में 15 किमी सतनूर है तो वहीं तामिया रोड में 32 किमी सूटिया गांव है। शिवपुरी रोड में भोकई 37 किमी दूर पड़ता है। उमरेठ रोड में मुजावर का दायरा 33 किमी पड़ती है। जुन्नारदेव रोड को देखा जाए तो अम्बाड़ा 15 किमी दूर पड़ता है। कुल मिलाकर अंदरुनी सडक़ों का जाल देखा जाए तो सौ किमी वर्ग से अधिक दूरी प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार में नापनी पड़ती है। प्रचार के समय वाहन से लेकर पैदल चलना पड़ता है।
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सौंसर: ३५ किमी के दायरे में विस
सौंसर विधानसभा के गांव और नगर 35 किमी के दायरे में आते हैं। इसका अंतिम छोर अधिकतम 35 किमी दूर शिकारपुर से सतनूर के बीच आता है तो वहीं संवरनी से सावंगा का क्षेत्र 28 किमी का है। इस विधानसभा में हर उम्मीदवार को अंदरुनी सडक़ों से सौ किमी वर्ग से अधिक के दायरे में प्रचार करना पड़ता है। दोनों दलों के प्रत्याशी और कार्यकर्ता प्रचार अभियान में लगे हुए हैं।
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पांंढुर्ना: सौ किमी के दायरे में क्षेत्र
पांढुर्ना विधानसभा का क्षेत्र सौ किमी के दायरे में आता है। जिला मुख्यालय से 10 किमी दूर खैरवाड़ा से यह विधानसभा शुरू हो जाती है। यहां का कोई व्यक्ति पांढुर्ना जाना चाहे तो उसे 100 किमी की दूरी नापनी पड़ती है। पांढुर्ना में एक गांव पेढानी एेसा है जहां पहुंचने के लिए महाराष्ट्र बार्डर पार करनी पड़ती है। इससे इस विधानसभा में प्रत्याशियों की प्रचार मेहनत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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जुन्नारदेव-अमरवाड़ा की सीमाएं भी उलझी
जुन्नारदेव विधानसभा का क्षेत्र सौ किमी पड़ता है। इसका अंतिम छोर तामिया के आगे चांवलपानी को देखा तो एक उम्मीदवार को सौ किमी से अधिक चलना पड़ता है। दमुआ के आगे खैरवानी 50 किमी है तो वहीं बैतूल रोड पर बोरदई 35 किमी दूर आता है। अमरवाड़ा विधानसभा का क्षेत्र भी 50 से 80 किमी दूर है। हर्रई,छिंदी और पातालकोट के कुछ ग्राम इस विधानसभा में आते हैं।