14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Accident: बस में सोए हुए थे यात्री, फिर हुआ यह दर्दनाक हादसा

पिकअप सवार चार लोगों की मौत हो गई।

2 min read
Google source verification
Accident: बस में सोए हुए थे यात्री, फिर हुआ यह दर्दनाक हादसा

Accident: बस में सोए हुए थे यात्री, फिर हुआ यह दर्दनाक हादसा


छिंदवाड़ा. मोहखेड़ थाना के अंतर्गत छिंदवाड़ा-बैतूल मार्ग पर सांवरी और खुनाझिर के बीच नरसला गांव के पास मंगलवार सुबह बस और पिकअप में आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस हादसे में पिकअप सवार चार लोगों की मौत हो गई जबकि बस में सवार दस लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह लगभग 8 बजे यात्री लेकर बस इंदौर से छिंदवाड़ा आ रही थी वहीं पिकअप खुनाझिर से कामठी जा रही थी। इसी दौरान नरसला गांव के पास दोनों वाहनों में आमने-सामने भिडं़त हो गई। बस बिछुआ खमारपानी निवासी घनश्याम चौरिया एवं पिकअप रोहना कला निवासी रानू साहू चला रहे थे। बताया जाता है कि जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय काफी घना कोहरा छाया हुआ था। टक्कर इतना भयावह था कि पिकअप का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं बस पास के खेत में उतर गई। हादसे में पिकअप में सवार रोहना कला निवासी रानू पिता अमनलाल साहू(22), मानेगांव निवासी दुर्गेश पिता तुलसी कडपे(34), खजरी मटरूटोला निवासी रोहित पिता राजेश उइके(16) एवं महुआ टोला निवासी संदीप पिता रामचरण कडपे(23) की मौत हो गई। पिकअप वाहन सवार रोजाना कामठी सहित अन्य जगहों से दूध एकत्र कर छिंदवाड़ा बेचने आते थे।

ये हुए घायल
हादसे में बस में सवार सरला पति राम भजन विश्वकर्मा(30), श्रीराम पिता लालसिंग विश्वकर्मा(60), माला पति रमेश इवनाती(40), घनश्याम पिता गोपीचन्द (30), नारायण पिता अलम सिंग(29), सेवाराम पिता बलीराम पवार(35), रमेश पिता धनराज पवार(35), देवेश पिता मेघराज(30), विकास पिता महेश पवार(30), गंगाराम पिता शंकर लाल (69) को गंभीर चोट आई। जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।


गैस कटर से काटकर निकाले गए शव
हादसे के बाद पिकअप में फंसे शवों को घंटों मशक्कत के बाद निकाला गया। टक्कर इतनी भयानक थी कि सभी मृतकों का शव वाहन में बुरी तरह से फंस गया था। छिंदवाडा से गैस कटर बुलवाया गया। तब जाकर शव बाहर निकाले जा सके।

सूझबूझ से बची यात्रियों की जान
जिला अस्पताल में भर्ती बस यात्रियों ने बताया कि चालक घनश्याम ने हादसा रोकने का काफी प्रयास किया। बस नियंत्रित थी इसलिए पलटी नहीं। अगर बस पलट जाती तो काफी यात्रियों की जान चली जाती।

बस में सोए हुए थे यात्री
जिस वक्त हादसा हुआ उस समय बस में अधिकतर यात्री सोए हुए थे। बस यात्रियों ने बताया कि उन्हें कुछ पल तो समझ में ही नहीं आया कि क्या हो गया। इसके बाद हम बस से नीचे उतरे।