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बालतोड़ का कराया ऑपरेशन और हो गई मौत, परिजनों का हंगामा, देहात पुलिस ने शुरु की जांच

परासिया मार्ग स्थित प्राइवेट मानवता हॉस्पिटल का मामला, शिकायत पर मेडिकल बोर्ड पैनल ने किया पीएम

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परिजनों का हंगामा

छिंदवाड़ा। नरसिंहपुर मार्ग स्थित रमेश (40) पिता फूलचंद्र बडख़े को कूल्हे पर बालतोड़ होने की शिकायत पर परिजन मंगलवार शाम छह बजे ऑपरेशन के लिए परासिया मार्ग स्थित मानवता हॉस्पिटल ले गए। डॉक्टर ने 7.30 बजे बालतोड़ का ऑपरेशन किया तथा 15 मिनट बाद अचानक युवक की मौत हो गई। परिजनों को जब डॉक्टर ने मरीज की मौत की खबर सुनाई तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टरों पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में रात को हंगामा शुरु कर दिया। सूचना पर सीएसपी अजय राणा तथा देहात पुलिस मौके पर पहुंची तथा मामले को शांत कराया था। मृतक के परिजनों ने डॉक्टर व अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
- 12 इंच का लगाया चीरा
मृतक रमेश बडख़े के भाई मनेश बडख़े ने बताया कि उनका भाई रमेश बडख़े जो कि राजमिस्त्री का कार्य करता है। दो दिन पहले कुल्हे पर बालतोड़ होने पर परासिया मार्ग स्थित डॉ ढाकरिया के क्लीनिक पर उपचार के लिए पहुंचे थे। डॉ ढाकरिया ने मंगलवार को शाम छह बजे मानवता हॉस्पिटल में पहुंचने व ऑपरेशन करने के लिए कहा था। मंगलवार को शाम छह बजे रमेश अपने परिजनों के साथ मानवता हॉस्पिटल पहुंचे थे इस दौरान डॉ ढाकरिया भी पहुंच गए थे। शाम 7.30 बजे डॉ ढाकरिया ने ऑपरेशन किया जिसके बाद रमेश उसकी पत्नी से मिला भी थी। लेकिन 15 मिनट बाद डॉ ढाकरिया ने सूचना दी कि रमेश बेहोश हो गया है तथा उसे अटैक आ गया जिससे उसकी मौत हो गई। जिसके बाद परिजन अंदर पहुंचे तो रमेश की सांसे नहीं चल रही थी। मृतक के भाई ने यह भी आरोप लगाया है कि बालतोड़ के लिए जो चीरा लगाया गया था वह 12 इंच का था, ज्यादा खून बहने से मौत हुई है।
- इनका कहना है।
मानवता अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे युवक की मौत मामले में मंगलवार को परिजनों ने अस्पताल पर आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। आरोपों के आधार पर बुधवार को मेडिकल बोर्ड की पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले को जांच में लिया गया है जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ जीएस उइके, टीआई, थाना देहात
- मरीज का कहीं और इलाज चल रहा था, उसे तकलीफ ज्यादा थी, मवाद की गठान से डेढ लीटर मवाद डॉक्टरों ने निकाला है। उपचार होने के बाद उसे हार्ट अटैक आया है जिसके कारण उसकी मौत होना सामने आया है।
ओमप्रकाश खरबड़े, संचालक, मानवता हॉस्पिटल, परासिया मार्ग, छिंदवाड़ा।