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छिंदवाड़ा. धोखाधड़ी के आरोपी बैंक मैनेजर को इंदौर से गिरफ्तार किया। दस्तावेजी कार्रवाई पूरी कर उसे गुरुवार को न्यायालय में पेश किया, यहां से उसका जेल वारंट काट दिया गया। बैंक के मैनेजर ने लोन दिलाने के बाद उस पर सब्सिडी देने का आश्वासन दिया था। इसके एवज में उसने लोन लेने वाले व्यक्ति से १ लाख ५० हजार रुपए पहले ही ले लिए थे। अगस्त माह में मैनेजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस लगातार आरोपी को तलाश रही थी।
दमुआ टीआइ सुमेरसिंह जगेत ने बताया कि जुन्नारदेव थाना क्षेत्र के ग्राम बूचनवाड़ी निवासी छविराम यदुवंशी किसी काम के लिए लोन लेने का प्रयास कर रहा था। दमुआ थाना क्षेत्र के धोड़ावाडी स्थित एक राष्ट्रीयकृत बैंक के मैनेजर मनमोहन चक से मुलाकात हुई। आरोप है कि मनमोहन ने छविराम को लोन दिलाने के साथ ही उस पर सब्सिडी देने का झांसा देकर उससे एक लाख ५० हजार रुपए ले लिए। छविराम लोन मिलने का इंतजार करता रहा, लेकिन उसे एक रुपए भी नहीं मिले, इसी बीच बैंक मैनेजर का स्थानांतरण इंदौर हो गया। डेढ़ लाख रुपए लेने का उसने पूरा प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं होने पर अगस्त माह में थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। यदुवंशी की रिपोर्ट पर बैंक मैनेजर मनमोहन चक के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में अपराध दर्ज किया गया।
इंदौर से गिरफ्तार किया
प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने मामले की छानबीन की। पुलिस ने आरोपी की तलाश की तो उसके इंदौर में होने की जानकारी मिली। राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा से आरोपित मनमोहन चक को गिरफ्तार कर दमुआ लाया गया। दस्तावेजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया, यहां से न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया।
Published on:
05 Oct 2018 11:58 am
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