साथ ही कोई समस्या आने पर निराकरण भी कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद चौरगड़े ने बताया कि अप्रैल माह में बोर्ड परीक्षाओं की प्रायोगिक परीक्षा को दृष्टिगत रखते हुए विद्यार्थियों को प्रायोगिक कार्य प्रयोगशाला में ही अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिसकी निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। डीइओ चौरगड़े ने बोर्ड परीक्षा के लिए 80 प्रतिशत रिजल्ट का लक्ष्य शिक्षकों को दिया हैं।