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Chhindwara news: छठ महापर्व को लेकर बनी रूपरेखा, छोटा तालाब पर होगा विशेष आयोजन

बैठक में महापर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाने की बनी रणनीति

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Chhindwara news: छठ महापर्व को लेकर बनी रूपरेखा, छोटा तालाब पर होगा विशेष आयोजन

Chhindwara news: छठ महापर्व को लेकर बनी रूपरेखा, छोटा तालाब पर होगा विशेष आयोजन

छिंदवाड़ा. उत्तर भारतीय एकता मंच द्वारा लोक आस्था का महापर्व छर्ठ के आयोजन को लेकर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-चार के पास स्थित होटल में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में महापर्व पर छोटा तालाब में विभिन्न कार्यक्रम के आयोजन की रूपरेखा बनाई गई। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष छठ महापर्व के तीसरे दिन 19 नवंबर की शाम व्रती और घर-परिवार के सभी लोग नदी, तालाब आदि में जाकर अस्तचलगामी सूर्य को अघ्र्य देंगे। बता दें कि इस दिन डूबते हुए सूर्य को अघ्र्य देने की परंपरा है। वहीं चतुर्थ दिवस यानी 20 नवंबर की सुबह परंपरा के अनुसार उदीयमान सूर्य को अघ्र्य दिया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि 19 नवंबर की शाम छोटा तालाब में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 20 नवंबर की सुबह परिचय कार्यक्रम, सम्मान कार्यक्रम होगा। छोटा तालाब पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था भी बनाई जा रही है। बैठक में मंच अध्यक्ष अजय सिंहा, सचिव उमेश बरनवाल, एके सिंह, राकेश सिंह, जितेन्द्र शाव, मुकेश सिंह, संजय मिश्रा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।


36 घंटे का रखा जाता है निर्जला व्रत
उल्लेखनीय है कि बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में छठ महापर्व बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। इस पर्व की ख्याति धीरे-धीरे सभी राज्यों में फैल रही है। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में भी छठ पूजा की जाती है। श्रद्धा और लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ में कठिन व्रत के साथ ही कठोर नियमों का भी पालन किया जाता है। छठ प्रकृति से जुड़ा पर्व है, जिसमें सूर्य देव की उपासना की जाती है। पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्ल की षष्ठी और दीवाली के बाद छठ पर्व मनाया जाता है। इस साल छठ की शुरुआत 17 नवंबर से हो रही है, जिसका समापन 20 नवंबर 2023 को होगा। लोक आस्था का महापर्व छठ हिंदू धर्म का सबसे कठिन व्रत है। इसमें पूरे 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखा जाता है। संतान सुख, संतान की उन्नति, अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और सुखी जीवन के यह व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक और आस्था के साथ छठ व्रत करने से छठी मईया और सूर्य देव की कृपा से जीवन सुखी होता है।