
Ayodhya: 275 वर्ष पुराना है श्रीराम मंदिर का इतिहास, ऐतिहासिक दिन की हो रही भव्य तैयारी
छिंदवाड़ा. अयोध्या में 22 जनवरी को नवनिर्मित श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर हर तरफ हर्ष का माहौल है। इस दिन को ऐतिहासिक बनाने के लिए सनातन धर्म प्रेमी जुट गए हैं। शहर को भगवामय किया जा रहा है। आतिशबाजी की तैयारी हो चुकी है। घर-घर दीप जलेंगे। मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे। हर घर से यही पुकार है राम आएंगे...। छिंदवाड़ा के छोटी बाजार स्थित श्रीराम मंदिर में भी भव्य तैयारी चल रही है। इस मंदिर का इतिहास 275 वर्ष पुराना है। बताया जाता है कि मंदिर में पूर्व में पीपल के वृक्ष के नीचे पवनपुत्र हनुमान जी की प्रतिमा खुले आसमान में विराजी थी। इस क्षेत्र को मोती बाजार के नाम से जाना जाता था। वर्ष 1754 में अयोध्या से महासंत रामदास चौबे बाबा का आगमन हुआ। उन्होंने यही अपना निवास स्थान बनाया और हनुमान जी की सेवा करने लगे। इसके बाद धीरे-धीरे ख्याति बढऩे लगी। आम नागरिकों का बड़ी संख्या में आगमन होने लगा। चमत्कारिक हनुमान जी की मूर्ति का विधिवत पूजन-अर्चन प्रारम्भ हुआ। बाबा जी ने इस स्थल को तपोस्थली बना लिया। संकल्प लिया कि इस स्थल पर भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने रामलीला मंच के पास ही वसंत पंचमी के दिन वर्ष 1807 में जीवित समाधि ली। यहां पूर्व से ही छोटी-छोटी मडिय़ा में मूर्तियां स्थापित थी। इसी दौरान यही भगवान श्री राम जी के मंदिर का निर्माण किया गया। मंदिर में श्रीराम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, माता सीता, लक्ष्मी नारायण की मूर्ति स्थापित की गई। धीरे-धीरे मंदिर में निर्माण कार्य होता रहा। गोंड साव कसार उमरेठ वाले ने वर्ष 1969 में मंदिर का पुनर्निर्माण किया। इसके पश्चात वर्ष 1976 में उदयचंद कलार के द्वारा हनुमान मंदिर का पुन: निर्माण करवाया गया।
सनातन धर्म प्रेमियों की बढ़ती गई रूचि
मंदिर परिसर में ही समय-समय पर नए-नए कार्य होते रहे। स्वर्णकार समाज के द्वारा राधा-कृष्ण एवं अन्य मूर्तियां स्थापित की गई। साहू समाज के द्वारा गौरी शंकर एवं गणेश जी सहित पंचमुखी शिवलिंग, हनुमान जी के कांधे पर श्री राम, लखन सहित मूर्ति स्थापित कर भव्य शिवमंदिर का निर्माण किया गया। मंदिर में ही जनसहयोग से आराधना भवन का निर्माण किया गया। इसके पश्चात वर्ष 1908 में ठाकुर मरदान शाह जागीरदार के द्वारा पुर्ननिर्माण करवाया गया। समय-समय पर सनातन धर्म प्रेमी रूचि लेते रहे और निर्माण कार्य कराया जाता रहा।
वर्ष 1936 में हुई मंदिर की स्थापना
मंदिर संचालन के लिए वर्ष 1936 में सत्य धर्म मंडल की स्थापना की गई। मंदिर के पास ही मानस भवन का निर्माण हुआ। वर्ष 1967 में गेंदलाल साहू के द्वारा रामलीला मंच का निर्माण किया गया। इसके बाद रामलीला मंच का वर्ष 2006 में पुनर्निर्माण नगर पालिका निगम एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से किया गया। मंडल के द्वारा 1992-93 में मंदिर का पुन: जीर्णोंद्धार किया गया। सत्य धर्म मंडल ट्रस्ट मंदिर के पुन: जीर्णोद्धार को लेकर लगातार काम कर रही है और मंदिर को और भी भव्य स्वरूप देने में जुटी हुई है। समिति में अध्यक्ष हरिओम सोनी, सचिव कृष्णा सेठिया, उपाध्यक्ष राकेश साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश चौबे सहित अन्य गणमान्य शामिल हैं।
आज से होगा श्रीराम संकीर्तन
श्री राम मंदिर छोटी बाजार प्रांगण में 101 घंटे का श्री राम संकीर्तन 18 जनवरी दोपहर 2 बजे से 22 जनवरी सोमवार रात्रि 8 बजे तक होगा एवं भगवान की महाआरती कर प्रसाद का वितरण होगा। मंदिर को अयोध्या की तरह भव्य आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया है। सभी से 22 जनवरी को शाम 5 दीपक अपने घरों से मंदिर लेकर आने एवं मंदिर को जगमग करने की अपील की गई है। 22 जनवरी को सुबह से लेकर देर रात तक विविध आयोजन मंदिर में होंगे।
Published on:
18 Jan 2024 01:07 pm
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