
First year Documents check in Government college
छिंदवाड़ा. राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस बार तो विश्वविद्यालय ने हद कर दी। दो साल पहले जिस छात्रा को विश्वविद्यालय ने उत्तीर्ण बताते हुए उसकी मार्कशिट पोर्टल पर अपलोड कर दी थी, उसे अब अनुत्तीर्ण बताया जा रहा है। छात्रा को इसकी जानकारी तब लगी जब वह कॉलेज में मार्कशिट लेने दो साल बाद पहुंची। बड़ी बात यह है कि छात्रा ने ऑनलाइन मार्कशिट के सहारे पीजीडीसीए पाठ्यक्रम में दाखिला भी ले लिया और दस हजार रुपए फीस भी दे दी। अब छात्रा विश्वविद्यालय एवं कॉलेज का चक्कर लगा रही है। दरअसल छिंदवाड़ा शहर के निजी कॉलेज में जुन्नारदेव निवासी छात्रा राधिका कुमरे ने वर्ष 2021-22 में स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षा दी। इसके बाद वह गांव चली गई। वहीं से उसने ऑनलाइन माध्यम से रिजल्ट देखा। छात्रा को उत्तीर्ण दिखाया गया। छात्रा ने रिजल्ट का प्रिंट आउट लेकर पीजीडीसीए पाठ्यक्रम में दाखिला ले लिया और फीस जमा कर दी। अक्टूबर माह में जब छात्रा कॉलेज में मार्कशिट लेने पहुंची तो उसके होश उड़ गए। मार्कशिट में उसे अनुत्तीर्ण दिखाया गया है। छात्रा ने जब इसकी शिकायत विश्वविद्यालय से की तो उनका कहना था कि धोखे से ऐसा हो गया होगा। इस संबंध में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. धनाराम उइके का कहना है कि उस समय कोई अन्य अधिकारी इस पद पर थे। हालांकि मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।
Published on:
22 Oct 2023 03:29 pm
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