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ट्राइबल की शालाओं में अतिथियों के भरोसे बच्चे, शिक्षकों का करना होगा इंतजार

जनजातीय कार्य विभाग में रिक्त पड़े शिक्षकों के 22 सौ से ज्यादा पद

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Online attendance: less than 29 percent children reached school

Online attendance: less than 29 percent children reached school

छिंदवाड़ा.आदिवासी विकासखण्डों के स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना के लिए अगले शैक्षणिक सत्र 2023-24 का इंतजार करना पड़ेगा। तब तक लगातार रिटायरमेंट से शिक्षकों के और पद खाली जाएंगे। इस वर्ष तबादलों के नियम न आने से अतिशेष शिक्षकों को भी मैदानी शालाओं में नहीं पहुंचाया गया है। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। कहा जा रहा है कि पहली से लेकर बारहवीं तक के बच्चों को इस शैक्षणिक सत्र में अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही वार्षिक परीक्षा देनी पड़ेगी।
इस वर्ष 2022 की शुरुआत में जनजातीय कार्य विभाग के रिकार्ड में यह था कि हाईस्कूल, हायर सेकण्डरी स्कूल प्राचार्य से लेकर माध्यमिक शाला प्रधानपाठक और शिक्षकों के कुल 5924 पद स्वीकृत है। इनमें से 2249 शिक्षकों के पद रिक्त है। अपवाद स्वरूप प्राथमिक शिक्षकों के 1444 पदों के विरूद्ध 1541 कार्यरत होने से 127 अतिरिक्त पोस्टिंग है। देखा जाए तो तब से अब तक सौ शिक्षक रिटायर हो चुके हैं। इससे अधिकांश विद्यालय धीरे-धीरे खाली हो गए हैं। एक शिक्षकीय शालाएं 170 और शिक्षक विहीन की संख्या 88 बताई गई थी। जुन्नारदेव, तामिया, हर्रई और बिछुआ विकासखण्ड के स्कूलों में शिक्षकों की कमी का ताजा आंकड़ा इससे अधिक बताया गया है।
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15 फरवरी से परीक्षा, नहीं मिले विषय शिक्षक
माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने दसवीं-बारहवीं की वार्षिक परीक्षा तिथि 15 फरवरी 23 से निर्धारित कर दी है। परीक्षा अध्ययन के लिए बच्चों को विषय शिक्षक नहीं मिल पा रहे हैं। इससे उनका भविष्य दांव पर है।
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विडम्बना: प्रभारी मंत्री ने कभी नहीं की समीक्षा
आदिवासी इलाकों के स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था की प्रभारी मंत्री कमल पटेल ने कभी समीक्षा नहीं की है। इसके साथ ही विभागीय बड़े अधिकारी भी शिक्षकों की कमी पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। तीन साल पहले 2019 में निजी स्वार्थ के चलते शिक्षकों के थोकबंद ट्रांसफर किए गए थे। पिछले साल 2021 में भी तबादलों का क्रम जारी रहा। फिर भी ट्राइबल स्कूलों में शिक्षकों की समस्या हल नहीं हो सकी।
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इनका कहना है...
जनजातीय कार्य विभाग में इस साल तबादला नियम नहीं आने से शिक्षकों के तबादले नहीं किए गए हैं। स्कूलों में लगातार रिटायरमेंट से पद खाली पड़े हैं।
-एनएस बरकड़े, सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग।
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माध्यमिक शिक्षक : 89 अभ्यर्थी के नहीं निकले पदस्थापना आदेश
राज्य शासन से माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती के उपरांत जनजातीय कार्य विभाग को करीब 350 पद आवंटित किए गए थे। इन पदों में से अधिकांश ने अपने दस्तावेज जमा नहीं कराए। शेष 89 अभ्यर्थियों के आवेदन और दस्तावेज जमा हुए। उनका सत्यापन कराया गया। उनकी पदस्थापना के आदेश अभी जारी नहीं किए गए हैं। इन शिक्षकों का भी इंतजार बना हुआ है। सहायक संचालक उमेश सातनकर का कहना है कि 46 माध्यमिक शिक्षक और 43 उच्च माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया दस्तावेज सत्यापन तक पूरी हो गई है। आगे पदस्थापना के आदेश जारी होना शेष है। उन्होंने जनजातीय कार्य विभाग में शिक्षकों की कमी होने पर कहा कि प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती होने पर रिक्त पदों की पूर्ति हो सकेगी।
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