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College admission: स्कूल मना करे तो छात्र वचन पत्र के आधार पर ले सकेंगे कॉलेज में दाखिला

आवेदक विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है।

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college admission 2022-23

college admission 2022-23


छिंदवाड़ा. उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में सत्र 2022-23 में स्नातक, स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए पूर्व में जारी किए गए नियमों में कुछ संशोधन करते हुए आदेश जारी किया है। इसमें सीबीएसई एवं आइसीएसई बोर्ड के साथ ही अन्य बोर्ड जिनकी परीक्षाओं का परिणाम घोषित नहीं हुआ है, ऐसे आवेदक विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। ऐसे आवेदक विद्यार्थी जिनके परीक्षा परिणाम नहीं आए हैं वे परीक्षा के प्रथम टर्म के अंक पत्रक की छाया प्रति संबंधित विद्यालय के प्राचार्य से हस्ताक्षर कराने के बाद कॉलेज में प्रवेश के लिए आवेदन के साथ अपलोड कर सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि यदि कोई विद्यालय छात्र को प्रथम टर्म के अंकों का पत्रक उपलब्ध नहीं करा रहा तो छात्र स्वयं या फिर अभिभावक से वचन पत्र भरवाकर आवेदन के साथ अपलोड कर सकेगा। यदि वचन पत्र गलत पाया जाएगा, तो प्रवेश निरस्त माना जाएगा।

खिलाडिय़ों के लिए 5 सीट सुरक्षित
नई शिक्षा नीति में खेलकूद, योगा आदि पर जोर दिया जा रहा है। इसी के तहत विभाग ने संशोधित गाइडलाइन में यह भी कहा है किकॉलेज में कुल सीट संख्या के अतिरिक्त पांच सीटें खेलकूद विधा के छात्रों के लिए उपलब्ध रहेंगी। खेलकूद में ‘ए’ श्रेणी प्राप्त छात्रों के लिए आउटराइट के आधार पर सीटें सुरक्षित रहेंगी। मतलब यह कि सीटें फुल होने के बाद भी यदि कोई विशिष्ठ खिलाड़ी संबंधित महाविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन करेगा तो उसे प्रवेश देने की व्यवस्था दी जाएगी।


समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूरा करने का लक्ष्य
उच्च शिक्षा विभाग इस बार समय पर परीक्षा संपन्न कराने पर जोर दे रहा है। यही वजह है कि मई माह में ही प्रवेश प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। बता दें कि पिछले साल से नई शिक्षा नीति लागू कर दी गई है। बीते वर्ष इसके तहत छात्रों को प्रवेश देने में काफी अधिक समय लगा था। अगस्त महीने से शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया दिसंबर के आखिरी तक चली थी। ऐसे में सत्र विलंब से चला। नई शिक्षा नीति लागू करने से पहले इसकी व्यवहारिक कठिनाइयों को लेकर अधिक चर्चा नहीं हुई और अचानक से लागू करने का आदेश जारी कर दिया था।


आवेदन के बाद भी डाटा सुधार का मिलेगा अवसर
ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान छात्रों की ओर से यदि कोई लिपिकीय त्रुटि की जाती है तो उसके सुधार का भी अवसर दिया गया है। विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि इस संबंध में लगातार कॉलेजों और छात्रों की ओर से अवगत कराया जा रहा है कि उनकी प्रोफाइल में लिपिकीय त्रुटियां हैं। इसलिए जाति, जन्मतिथि आदि की जानकारी सुधारने के लिए कॉलेजों को अनुमति दी गई है। यदि छात्रवृत्ति से संबंधित कोई छात्र है तो उसके दस्तावेज में संशोधन करने से पहले पूर्व में लिए गए प्रवेश से जुड़ी जानकारी का परीक्षण कराएं, इसके बाद एमपीटास पोर्टल पर सुधार कराएं।


इनका कहना है...
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रवेश नियम में संशोधन आदेश जारी किया है। इसमें जिनके रिजल्ट अभी जारी नहीं हुए हैं उन्हें वचन पत्र देने की छूट दी गई है। इसके अलावा खिलाडिय़ों के प्रवेश को लेकर भी पांच सीट सुरक्षित रखने की बात कही है।
डॉ. अमिताभ पांडे, प्राचार्य, लीड कॉलेज, छिंदवाड़ा