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College admission: पहले चरण में भर पाई महज 20 प्रतिशत सीट, 80 प्रतिशत अब भी खाली

जिले के दो प्रमुख कॉलेजों में स्नातकोत्तर में दाखिले का हाल

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एआईएसएचई पोर्टल पर दर्ज करवाना होगा नाम

छिंदवाड़ा. कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया जारी है। प्रथम चरण समाप्त हो चुका है और सीएलसी प्रथम चरण की आधी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस चरण में 3 एवं 4 जुलाई को कॉलेजों द्वारा प्रावीण्य सूची जारी की जाएगी। जिन विद्यार्थियों का नाम सूची में होगा वे प्रवेश शुल्क का भुगतान कर अपना स्थान सुनिश्चित करेंगे। हालांकि प्रथम चरण के बाद इस बार जिले के दो प्रमुख कॉलेजों में स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में महज 20 प्रतिशत ही सीट भर पाई है। यानी 80 प्रतिशत सीट खाली है। राजमाता सिंधिया गल्र्स कॉलेज में एमएससी होमसाइंस-फुड एंड न्यूट्रीशियन में कुल 20 सीट में महज एक सीट पर छात्रा ने दाखिला लिया है। वहीं एमएससी-होमसाइंस ह्यूमन डेवलपमेंट में दाखिले के लिए एक भी आवेदन नहीं आए। ऐसे में इस संकाय में सभी 20 सीट खाली है। पीजीडीसीए कोर्स का भी यही हाल है। जबकि इन कोर्स को प्रारंभ करने के पीछे उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार से जोडऩा था। विशेषज्ञों के अनुसार यह सभी कोर्स रोजगारपरक हैं। अगर विद्यार्थी इसमें रुचि ले तो बहुत जल्द ही वह अध्ययन कर हुनरमंद बन जाएगा और आसानी से अपना व्यवसाय या फिर नौकरी पा सकता है। पीजी कॉलेज की बात करें तो यहां एमएससी-फिजिक्स में महज 8 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इन दोनों ही कॉलेज में एमकॉम में 90 प्रतिशत सीट खाली है।

रिजल्ट जारी न होना भी वजह
कॉलेजों से मिली जानकारी के अनुसार अभी स्नातक अंतिम सेमेस्टर एवं अंतिम वर्ष की परीक्षाएं या तो चल रही हैं या फिर रिजल्ट जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में काफी संख्या में विद्यार्थियों ने स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में दाखिले के लिए आवेदन नहीं किया। प्रवेश प्रभारियों का कहना है कि सीएलसी द्वितीय राउंड में लगभग सभी की परीक्षा एवं रिजल्ट आ जाएंगे। इसके बाद दाखिले के लिए आवेदन काफी संख्या में आएंगे।


बीसीए पाठ्यक्रम हो गया था बंद
राजमाता सिंधिया गल्र्स कॉलेज में कुछ वर्ष पहले स्ववित्तीय माध्यम से बीसीए पाठ्यक्रम में प्रारंभ किया गया था, लेकिन छात्राओं के दिलचस्पी न लेने से कुछ ही समय बाद यह कोर्स बंद कर दिया गया। वहीं जिले की बात करें को ऐसे कई महाविद्यालय है जहां पर साल दर साल विद्यार्थियों की संख्या घट रही है। ऐसे में इन महाविद्यालयों पर बंद होने का खतरा भी मंडरा रहा है।


पीजी कॉलेज में सीट की स्थिति

विषय टोटल सीट रिक्त सीट
एमए-हिंदी 160 127
एमए-अंग्रेजी 160 144
एमए-राजनीतिशास्त्र 160 109
एमए-समाजशास्त्र 160 148
एमए-अर्थशास्त्र 160 154
एमए-इतिहास 160 131
एमए-भूगोल 80 71
एमकॉम 240 223
एमएससी-फिजिक्स 30 22
एमएससी-बॉटनी 30 17
एमएससी-कमेस्ट्री 30 16
एमएससी-जुलॉजी 30 15
एमएससी-मैथ 160 146
---------------------------------------------------
गल्र्स कॉलेज में सीटों की स्थिति
विषय टोटल सीट रिक्त सीट
एमए-अर्थशास्त्र 100 96
एमए-अंग्रेजी 120 115
एमए-हिंदी 130 114
एमए-इतिहास 130 122
एमए-राजनीतिशास्त्र 130 106
एमए-मनोविज्ञान 90 85
एमए-संस्कृत 100 94
एमए-समाजशास्त्र 130 109
एमएससी-बॉटनी 100 87
एमएससी-जुलॉजी 110 84
एमएससी-मैथ 60 56
एमएससी-फिजिक्स 50 48
एमएससी-कमेस्ट्री 80 74
होमसाइंस-एमएन 20 19
ह्यूमन डेवलपमेंट 20 20
एमकॉम 150 141
पीजीडीसीए 130 122


इनका कहना है..
एमएससी होमसाइंस में रोजगार के अपार संभावनाएं हैं। यह कोर्स बनाए ही इसलिए गए हैं। जहां तक स्नातकोत्तर में सीट कम भरने का प्रश्न है तो अभी स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा या फिर रिजल्ट नहीं आए हैं। प्रवेश के अंतिम चरणों में आवेदन अधिक आएंगे और लगभग सभी सीट भर जाएगी।
महिम चतुर्वेदी, विषय विशेषज्ञ एवं प्रवेश प्रभारी, गल्र्स कॉलेज