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College admission: आनन-फानन में ले लिया दाखिला, अब विषय बदलने लगा रहे चक्कर

विद्यार्थियों को नहीं समझ में आ रहा साइंस

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First year Documents check in Government college

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छिंदवाड़ा. कॉलेजों में सत्र 2023-24 के लिए स्नातक प्रथम वर्ष एवं स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में दाखिला प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विद्यार्थी अध्ययन में जुट गए हैं। हालांकि कई विद्यार्थियों को साइंस विषय की पढ़ाई में समस्या आ रही है। उनका कहना है कि विषय उनके समझ में नहीं आ रहा है। ऐसे में वे कॉलेज पहुंचकर संकाय या फिर विषय परिवर्तन की गुहार लगा रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि फेल होने से बेहतर है कि वे संकाय परिवर्तन कराकर आसान विषय चुनें। पीजी कॉलेज में प्रतिदिन ऐसे दस से बीस विद्यार्थी आ रहे हैं जिन्हें या तो विषय बदलना है या फिर संकाय। वहीं अन्य कॉलेजों के भी यही हाल हैं। हालांकि पीजी कॉलेज में अब बीए में दाखिला मिलना मुश्किल है। इसके पीछे वजह यह है कि इस संकाय में पहले से ही 1645 सीट पर दाखिला लिया जा चुका है और अब यहां एक भी सीट रिक्त नहीं है। वहीं गल्र्स कॉलेज सहित अन्य कॉलेज में कुछ सीट रिक्त रह गई है।


जल्दबाजी में विद्यार्थी न लें फैसला
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जिला एंबेसडर एवं वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पीएन सनेसर, का कहना है कि अगर विद्यार्थी ने सोच समझकर विषय चुना है तो जल्दबाजी में परिवर्तन कराने का फैसला न ले। कभी-कभी शुरुआत में जो विषय कठिन लगता है वह आने वाले समय में काफी आसान हो जाता है। हां यह जरूर है कि आपको उस विषय में थोड़ा समय देना होगा और समझना होगा। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को काफी सहूलियत दी गई है। मेजर, माइनर विषय के साथ विद्यार्थी तीसरा इलेक्टिव विषय ले सकता है। यानी अगर वह साइंस में दाखिला ले चुका है तो तीसरे विषय के रूप में कला संकाय का एक विषय ले सकता है। उन्होंने बताया कि ऑफलाइन माध्यम से कॉलेजों में प्रर्याप्त किताब है। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट में ई-कंटेंट के रूप में यूनिट वाइज और टॉपिक वाइज वीडियो उपलब्ध है, जिसे विद्यार्थी देखकर आसानी से समझ सकता है। इसके अलावा प्रोफेसर, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन काफी मैटेरियल अध्ययन के लिए उपलब्ध हैं।

इनका कहना है...
प्रतिदिन विद्यार्थी विषय या फिर संकाय परिवर्तन के लिए आवेदन देने आ रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग 1 अक्टूबर से इसकी प्रक्रिया शुरु कर रहा है। हालांकि विद्यार्थी का संकाय या फिर विषय परिवर्तन तभी हो सकेगा, जब कॉलेज में सीट रिक्त रहेगी।
डॉ. अमिताभ पांडे, प्राचार्य, लीड कॉलेज, छिंदवाड़ा