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College admission: प्राचार्यों ने लंबित प्रकरण का निराकरण नहीं किया तो होगी कार्यवाही

स्थानांतरण, विषय परिवर्तन को लेकर कई प्रकरण लंबित, विभाग ने जताई नाराजगी

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First year Documents check in Government college

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छिंदवाड़ा. कॉलेजों में सत्र 2023-24 में स्नातक प्रथम वर्ष एवं स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में दाखिले लेने वाले विद्यार्थियों के कॉलेज स्थानांतरण के आवेदन की धीमी प्रक्रिया को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने प्राचार्यों को निर्देश जारी कर कहा है कि स्थानांतरण प्रक्रिया से संबंधित काफी संख्या में आवेदन कॉलेज स्तर पर लंबित हैं। प्राचार्य प्रवेशित विद्यार्थी द्वारा कॉलेज स्थानांतरण से संबंधित आवेदन का तत्काल नियमानुसार निराकरण करना सुनिश्चित करें। प्रकरणों के निराकरण में विलम्ब की स्थिति होने पर संबंधित शासकीय कॉलेज के प्राचार्य के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं अशासकीय कॉलेज के अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त करने संबंधी कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय एवं अशासकीय कॉलेजों में सत्र 2023-24 में स्नातक प्रथम वर्ष एवं स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को विषय, संकाय परिवर्तन, कॉलेज स्थानांतरण प्रक्रिया एवं त्रुटिपूर्ण डेटा में संशोधन के लिए 8 नवंबर 2023 तक का समय दिया गया है। निर्धारित तिथि के पश्चात दाखिला लेने वाले विद्यार्थी कोई भी परिवर्तन नहीं करा पाएंगे। इसके अलावा उपरोक्त तिथि तक प्रवेश निरस्तीकरण पश्चात शुल्क वापसी भी हो सकेगी।


पहले 31 अक्टूबर थी आखिरी तिथि
उच्च शिक्षा विभाग ने 1 से 31 अक्टूबर तक ई-प्रवेश प्रक्रिया के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रवेश निरस्तीकरण पश्चात शुल्क वापसी, विषय, पाठ्यक्रम या संकाय परिवर्तन सहित अन्य प्रक्रिया को पूरी करने की छुट दी थी। हालांकि निर्धारित तिथि तक कई विद्यार्थी प्रक्रिया करने से चूक गए। विभाग ने विद्यार्थियों को दोबारा मौका देते हुए अंतिम तिथि 8 नवंबर निर्धारित की है।


विद्यार्थी हो रहे परेशान
जिले में कई विद्यार्थी एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में स्थानांतरण कराना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें प्राचार्य से एनओसी लेनी है, लेकिन प्राचार्य उन्हें एनओसी नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा विषय परिवर्तन, संकाय परिवर्तन को लेकर भी परेशानी आ रही है। दरअसल नियम के अनुसार प्राचार्य तभी अनुमति दे सकते हैं जब कॉलेज में सीट खाली हो।