
College: हाई अलर्ट पर सरकार, फिर भी कॉलेज बेखबर, नहीं कर रहे आदेश का पालन
छिंदवाड़ा. वैश्विक महामारी कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से बचाव को लेकर सरकार हाई अलर्ट पर है। हर जगह आने वाले आपदा से निपटने के लिए जोर-शोर से तैयारी की जा रही है वहीं दूसरी तरफ कॉलेज प्रबंधन इसे लेकर बेखबर बना हुआ है। बड़ी बात यह है कि कॉलेजों द्वारा अपनी तरफ से कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं वहीं बीते दिनों उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव द्वारा जारी किए गए निर्देशों की भी कॉलेजों में धज्जियां उड़ रही हैं। विद्यार्थी बिना रोकटोक के लिए कॉलेजों में प्रवेश कर रहे हैं। अधिकतर विद्यार्थियों के चेहरे पर न मॉस्क दिख रहा है और न ही गेट पर उनके तापमान मापे जा रहे हैं। जबकि अवर सचिव ने निर्देश में स्पष्ट किया था कि कॉलेज में बिना थर्मल स्क्रीनिंग के कोई भी स्टाफ, प्राध्यापक एवं विद्यार्थी प्रवेश नहीं करेगा। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव को लेकर कॉलेज कितना गंभीर हैं इसे देखने के लिए ‘पत्रिका’ ने बुधवार को पीजी कॉलेज एवं राजमाता सिंधिया गल्र्स कॉलेज का निरीक्षण किया। दोनों ही कॉलेजों में कोरोना से बचाव को लेकर कोई इंतजाम नहीं थे। गेट पर एक गार्ड नियुक्त था जो मूकदर्शक बना हुआ था। गेट पर किसी भी विद्यार्थी की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं की जा रही थी।
यह दिए हैं निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव ने निर्देश में स्पष्ट किया है कि कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव हेतु कॉलेजों तथा छात्रावास में 18 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों एवं समस्त स्टॉफ को वैक्सीन के दोनों डोज लगवाना अनिवार्य होगा। प्राचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे शैक्षणिक, अशैक्षणिक कर्मचारी तथा विद्यार्थी जिनके द्वारा दोनों टीकें नहीं लगे हैं उन्हें दोनों टीके लगवाया जाए। ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं की है उनके संदर्भ में यह सुनिश्चित किया जाए कि वे पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं। कॉलेजों के प्रवेश द्वार पर प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों का शारीरिक तापमान लिया जाना सुनिश्चित किया जाए। शैक्षणिक परिसर में आवश्यक रूप से मास्क पहनना, हाथों को सेनेटाइज करना एवं शारीरिक दूरी का पालन सुनिश्चित किया जाए।
क्लास रूप में भी नहीं हो रहा पालन
पीजी कॉलेज एवं गल्र्स कॉलेज में संसाधन कम होने के बावजूद भी बहुत अधिक संख्या में विद्यार्थियों के दाखिले ले लिए गए हैं। इस समय क्लास रूम की हालत यह है कि एक बेंच पर तीन से चार विद्यार्थी बैठ रहे हैं। इसके बावजूद भी सीट कम पड़ जा रही है। क्लास रूम में विद्यार्थियों को खड़े रहकर अध्यापन करना पड़ रहा है। ऐसे में कोविड-19 गाइडलाइन की धज्जियां उड़ रही हैं।
इनका कहना है...
मैं अभी छुट्टी पर हूं। हालांकि मैंने निर्देशित किया था कि बिना थर्मल स्क्रीनिंग के किसी को भी कॉलेज में प्रवेश न दिया जाए। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो मैं दिखवाता हूं।
डॉ. अमिताभ पांडे, प्राचार्य, पीजी कॉलेज
Published on:
09 Dec 2021 01:33 pm
बड़ी खबरें
View Allछिंदवाड़ा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
