
अब तीन वर्ष के लिए आमंत्रित होंगे अतिथि विद्वान, मिलेगा दैनिक मानदेय
छिंदवाड़ा . उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में अतिथि विद्वानों की नियुक्ति प्रक्रिया व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। बुधवार को आदेश भी जारी कर दिया गया। अब अतिथि विद्वानों को 11 माह की जगह पर पूरे वर्ष के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा सम्पूर्ण शैक्षणिक वर्ष में प्रति कालखंड के स्थान पर दैनिक मानदेय 15 सौ रुपए एवं न्यूनतम मासिक मानदेय 30 हजार रुपए दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने कहा है कि कॉलेज में शैक्षणिक एवं गैर अशैक्षणिक कार्य पूरे वर्ष संचालित होता है। ऐसी स्थिति में अतिथि विद्वानों को पूरे वर्ष के लिए आमंत्रण दिए जाने का निर्णय लिया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि कॉलेज में स्थायी तौर पर नियुक्ति की स्थिति में अतिथि विद्वान का आमंत्रण समाप्त कर दिया जाएगा। ऐसे में अतिथि विद्वान को किसी अन्य कॉलेज में रिक्त पद पर आवेदन करना होगा। इस निर्णय से अतिथि विद्वान न खुश हैं और न ही दुखी। उनका कहना है कि अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। कॉलेज में स्थायी नियुक्ति होने पर आमंत्रण समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा आदेश में छुट्टी का भी जिक्र नहीं किया गया है।
मूल्यांकन के आधार पर तीन वर्ष का आमंत्रण
नियमित पदपूर्ति होने तक कॉलेज में वर्तमान में कार्यरत अतिथि विद्वान निरंतर आमंत्रण पर रहेंगे, जिसमें एक बार आमंत्रित अतिथि विद्वान को प्रतिवर्ष संतोषप्रद कार्य के मूल्यांकन के आधार पर अधिकतम तीन वर्ष के लिए आमंत्रित किया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि कॉलेज प्राचार्य को अतिथि विद्वान द्वारा निष्पादित कार्य का मूल्यांकन करने का पूर्ण अधिकार होगा। सम्बंधित कॉलेज प्राचार्य समय-समय पर अतिथि विद्वानों के कार्य का मूल्यांकन कर विभाग को अवगत कराएंगे।
नई व्यवस्था से विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा
नई व्यवस्था का लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। दरअसल, अधिकतर कॉलेजों में काफी पद रिक्त हैं। ऐसे में शैक्षणिक कार्य अतिथि विद्वान पर ही अधिक निर्भर है। हर वर्ष आमंत्रण प्रक्रिया होने से कॉलेज में अतिथि विद्वान देरी से नियुक्त होते थे। जिससे शैक्षणिक कार्य बुरी तरह प्रभावित होता था।
Published on:
28 Jun 2018 11:40 am
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