
शहर को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम के तीसरे दिन शुक्रवार को मानसरोवर कॉम्प्लैक्स में हालात उस वक्त बिगड़ गए जब स्थानीय दुकानदारों और सोसाइटी समिति के पदाधिकारियों ने निगम की टीम को कार्रवाई करने से रोक दिया।
निगम की टीम जैसे ही मानसरोवर कॉम्प्लैक्स की पार्किंग को अतिक्रमण मुक्त करने पहुंची, दूसरे पक्ष के लोग अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। निगम कर्मचारियों से गाली-गलौज, हाथापाई तक मामला पहुंचा। स्थानीय दुकानदारों ने निगम टीम पर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया। यादव टी स्टॉल के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान स्थिति और बिगड़ गई, जहां कहासुनी के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
पुलिस बल नदारद, निगम कर्मचारी असहाय दिखे। स्थानीय लोगों ने बताया कि मौके पर कोई पुलिस बल तैनात नहीं था। निगम कर्मचारियों को न तो सुरक्षा मिली और न ही कोई समर्थन। इससे पहले की कार्रवाई में भी निगम कर्मियों को पुलिस की निष्क्रियता से खुद हालात सम्भालने पड़े थे।
दुकानदारों ने हंगामे के दौरान कहा, ‘पहले गोलगंज में कार्रवाई करो, वहां बड़े व्यापारी हैं, हम तो छोटे लोग हैं। बता दें कि मानसरोवर कॉम्प्लैक्स में सबसे छोटी दुकान की कीमत 60 लाख से ऊपर है। जबकि मुख्य मार्ग की दुकानों की कीमत 1.5 करोड़ रुपए तक है। यह निगम का क्षेत्र नहीं है। उन्होंने टीम से कहा, यह निगम क्षेत्र में नहीं आता, यहां आना भी मत और अगर आए तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। इस दौरान निगम कर्मचारी चारों ओर से घिरे हुए नजर आए।
इनका कहना है
निगम कर्मचारियों से विवाद की जानकारी ली जाएगी। उसके बाद ही मामले की गंभीरता से जानकारी ली जाएगी। आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
-सीपी राय, आयुक्त नगर निगम
Published on:
07 Jun 2025 11:55 am
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