
College admission: गल्र्स कॉलेज में बीए सामान्य वर्ग में 38.4, पीजी कॉलेज में 55 कटऑफ
छिंदवाड़ा. पीजी कॉलेज में विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिल गई है। जो विद्यार्थी वाइवा देने से वंचित रह गए थे, उन्हें अब 1500 रुपए फीस नहीं देनी होगी। इस संबंध में पीजी कॉलेज ने निर्णय लेते हुए आदेश जारी कर दिए हैं। सूचना भी कॉलेज बोर्ड पर चस्पा कर दी है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 नई शिक्षा नीति के स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के जो परीक्षार्थी परियोजना कार्य एवं व्यावसायिक विषय की प्रायोगिक परीक्षा के प्रथम अवसर से वंचित रह गए हैं वे शामिल हो सकते हैं। इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा। उल्लेखनीय है कि 28 जून को इस मामले को लेकर विद्यार्थियों ने एनएसयूआई के नेतृत्व में सडक़ पर उतरकर प्रदर्शन किया था। कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया था। वाइवा देने से वंचित लगभग 200 विद्यार्थियों से ली जा रही लेट फीस का विरोध जताया था। इस मामले को लेकर पत्रिका ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। अगले दिन 29 जून को प्राचार्य डॉ. पीआर चंदेलकर से सीधी बात की थी। विद्यार्थियों की परेशानी से अवगत कराया था। 30 जून को खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद उन्होंने जल्द ही बैठक लेकर निर्णय लेने की बात कही थी।
प्रायोगिक विषय के छात्रों को नहीं राहत
बताया जाता है कि पीजी कॉलेज ने नई शिक्षा नीति के तहत प्रायोगिक विषयों की परीक्षा से वंचित विद्यार्थियों को विलंब शुल्क में कोई राहत नहीं दी है। यानी इन विद्यार्थियों को 1500 रुपए शुल्क देना होगा।
यह था मामला
पीजी कॉलेज में स्नातक प्रथम वर्ष में लगभग 200 विद्यार्थी वाइवा देने से वंचित हो गए थे। विद्यार्थियों का कहना था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। कॉलेज प्रबंधन ने अचानक ही वाइवा आयोजित कर दिया। हालांकि कॉलेज का कहना है कि इसकी बकायदा जानकारी विद्यार्थियों को सोशल साइट्स ग्रुप, क्लासरूम में दो से तीन बार दी गई थी। सबसे अधिक राजनीतिक विज्ञान विषय में विद्यार्थियों के वाइवा छुट गए हैं। नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक प्रथम वर्ष में मेजर विषयों में वाइवा अनिवार्य कर दिया गया है।
विरोध प्रदर्शन करने पहुंची थी एनएसयूआई
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अजय सिंह ठाकुर ने बताया कि कॉलेज ने 30 जून को ही निर्णय ले लिया था, लेकिन फीस माफ करने की जानकारी अधिकतर विद्यार्थियों को नहीं दी थी। ऐसे में शुक्रवार को एनएसयूआई फिर से विरोध प्रदर्शन करने पहुंची थी। तब कॉलेज ने जानकारी देते हुए बोर्ड पर सूचना चस्पा की। एनएसयूआई ने कॉलेज के निर्णय पर खुशी जताई। हालांकि उन्होंने कालेज प्रशासन पर आरोप भी लगाया कि पीजी कॉलेज में अन्य माध्यम से भी गरीब विद्यार्थियों से पैसा लिया जा रहा है। इस दौरान एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अजय सिंह ठाकुर, इमरान अली, नावेद खान, समर्थ मैद, पीयूष शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
Published on:
10 Jul 2023 06:06 pm
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