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Crime: फोन पर बात करते-करते साइबर अपराधी ने कर ली ठगी

वह फोन पे के कस्टमर केयर से बोल रहा है।

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Chennai cyber crime wing received 37 complaints of power bank app

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छिंदवाड़ा. साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों के अकाउंट पल भर में खाली कर दे रहे हैं। बीते 3 जुलाई को वार्ड नंबर-तीन निवासी राकेश साहू के पास दोपहर में मोबाइल नंबर 6205566339 से फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह फोन पे के कस्टमर केयर से बोल रहा है। साइबर अपराधी ने राकेश से कहा कि आप यूपीआई में कुछ गलती की वजह से कैश बैक की सुविधा नहीं ले पा रहे हैं। मैं जैसा कहता हूं वैसा करिए आपको सुविधा मिलेगी। राकेश को कुछ गलत लगा तो उन्होंने फोन काट दिया। इसके पश्चात मोबाइल नंबर- 9832211855 से फिर फोन आया और उसने कहा कि हमलोग फालतू नहीं बैठे कस्टमर की सेवा के लिए बैठे हैं और मुझे आपके अकाउंट की सारी डिटेल मालूम है। बड़ी बात यह थी कि साइबर अपराधी के पास न केवल राकेश का नाम और पता मालूम था बल्कि उसे यह भी पता था कि राकेश का बैंक अकाउंट एचडीएफसी बैंक में है और अकाउंट में 32 हजार 990 रुपए हैं। जब फोन करने वाले ने राकेश के बैंक अकाउंट से संबंधित सभी जानकारी दे दी तो राकेश को विश्वास करना पड़ा। साइबर अपराधी ने राकेश से नया यूपीआई नंबर डालने को कहा। जब तक राकेश यह प्रक्रिया पूरी करते तब तक खाते से 2990 रुपए निकल गए। राकेश ने सजगता दिखाई और साइबर अपराधी से बात करते-करते शेष 30 हजार रुपए की राशि दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद फोन कट गया और स्वीच ऑफ हो गया। राकेश ने बताया कि अगर मैंने सजगता नहीं दिखाई होती तो शेष पैसे भी चले जाते। इसके पश्चात राकेश ने बैंक को सूचना देकर एटीएम बंद कराया और साइबर सेल को इसकी लिखित सूचना दी।

सावधानी ही बचाव
किसी भी बैंक द्वारा उपभोक्ता को फोन कर एटीएम या बैंक से संबंधित कोई जानकारी नहीं पूछी जाती है। अगर ऐसा कोई कर रहा है तो उसकी शिकायत पुलिस से करें। इन दिनों साइबर अपराधी सक्रिय हैं। उपभोक्ता की सजगता एवं सावधानी ही उसे ठगी से बचा सकती है।