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Education: शहर से बाहर शिफ्ट कर दिया लॉ कॉलेज, न बाउंड्रीवॉल बनी, न मिली सुरक्षा

मंत्री ने की थी घोषणा, तीन कॉलेजों के महापुरुषों का नाम देने की प्रक्रिया भी अटकी

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Education: शहर से बाहर शिफ्ट कर दिया लॉ कॉलेज, न बाउंड्रीवॉल बनी, न मिली सुरक्षा

Education: शहर से बाहर शिफ्ट कर दिया लॉ कॉलेज, न बाउंड्रीवॉल बनी, न मिली सुरक्षा



छिंदवाड़ा. शहर से दूर काराबोह डैम के पास शिफ्ट किए गए शासकीय लॉ कॉलेज में परेशानी बढ़ती जा रही हैं। कॉलेज को पीजी कॉलेज भवन से शिफ्ट हुए ढाई साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक न ही नए भवन में बाउंड्रीवॉल बनी और न ही सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए। रात में किसी तरह से प्रबंधन व्यवस्था बना रहा है, लेकिन वह भी बहुत अधिक दिनों तक संभव होना मुश्किल है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि जनभागीदारी मद में उनके पास पर्याप्त बजट न होने की वजह से वे सुरक्षा गार्ड नहीं रख पा रहे हैं। जिस समय कॉलेज शिफ्ट हो रहा था उस समय प्रशासन ने हमें आश्वस्थ किया था कि जल्द ही सभी व्यवस्था बनाई जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसके अलावा कॉलेज का नाम परिवर्तन का मामला, नया पाठ्यक्रम खुलने का भी मामला अटका हुआ है। कॉलेज को उम्मीद थी कि जल्द ही बीए एलएलबी, एलएलएम पाठ्यक्रम खुल जाएगा, जिससे विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी और विकास होगा।

वर्ष 2021 में मंत्री ने किया था लोकार्पण
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जनवरी 2021 को छिंदवाड़ा आए थे। उन्होंने काराबोह डैम के पास 6.21 करोड़ की लागत से बने शासकीय लॉ कॉलेज एवं चांद में 6.50 करोड़ की लागत से बने शासकीय कॉलेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया था। लॉ कॉलेज प्राचार्य ने मंत्री को समस्या से अवगत भी कराया था। उस समय मंत्री ने मंच से ही जल्द से जल्द बाउंड्रीवॉल बनाने सहित अन्य समस्याओं के निराकरण की बात कही थी, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।

तीन कॉलेज को देना था महापुरुषों का नाम
मंत्री ने घोषणाओं के क्रम में जिले के तीन कॉलेज के नाम बदलकर महापुरुषों के नाम पर किए जाने की घोषणा की थी। पीजी कॉलेज का नाम पंडित अटल बिहारी वाजपेयी कॉलेज एवं शा. लॉ कॉलेज का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, शासकीय चांद कॉलेज का नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय करने की घोषणा की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से जिले के लीड कॉलेज को कॉलेज के नाम परिवर्तन को लेकर पत्र भी भेजा गया था। तत्कालिन प्राचार्य ने प्रशासन को कॉलेज के नाम परिवर्तन के संबंध में प्रस्ताव बनाकर भेजा। तब से मामला ठंडे बस्ते में है।

पांच साल से नहीं हुई बैठक
बताया जाता है कि महापुरुषों के नाम के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर जिला योजना समिति को लगानी है, लेकिन वर्ष 2019 के बाद से बैठक ही नहीं हुई। अंतिम बैठक कांग्रेस सरकार में हुई थी। उस समय छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री सुखदेव पांसे थे। इसके बाद प्रदेश में भाजपा सरकार आ गई और प्रभारी मंत्री भी बदल गए। शासकीय कॉलेजों के नाम परिवर्तन का मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

एक नहीं की थी कई घोषणाएं
मंत्री ने मंच से शासकीय लॉ कॉलेज में एलएलएम, बीए एलएलबी सहित अन्य विषयों को प्रारंभ करने, कॉलेज की बाउंड्रीवाल निर्माण कराने की घोषणा की थी। वहीं पीजी कॉलेज प्राचार्य ने संस्कृत विषय में स्नातकोत्तर कक्षाओं का प्रारंभ, स्नातक स्तर पर संगीत, मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र सहित अन्य विषय प्रारंभ करने, कॉलेज के खेल मैदान को स्टेडियम के रूप में उन्नयन, उच्च शिक्षा मंत्री ने सभी मांगों को मानते हुए शीघ्र पूर्ण करने की मांग की थी। मंत्री ने सभी को पूरे करने का आश्वासन दिया था। इसमें से कुछ मामले प्रस्ताव तक तो अधिकतर मामले घोषणा तक ही सीमित रह गए।

इनका कहना है...
बाउंड्रीवॉल एवं सुरक्षा को लेकर कई बार पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। स्थानीय पुलिस सहित अन्य व्यवस्था से सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन वह प्रर्याप्त नहीं है।
डॉ. बीके अकोदिया, प्राचार्य, शा. लॉ कॉलेज