
Education: विधि महाविद्यालय में अभी नहीं हो पाएगी एमएलएम की पढ़ाई
छिंदवाड़ा. छह करोड़ की लागत से काराबोह डैम के पास बना शासकीय विधि महाविद्यालय का भवन जर्जर में तब्दील हो रहा है। वहीं इस कॉलेज में एलएलएम पाठ्यक्रम खुलने का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों के लिए मायूसी भरी खबर है। अभी दो से तीन साल इस कॉलेज में एलएलएम पाठ्यक्रम शुरु नहीं हो पाएगा। दरअसल कॉलेज प्रबंधन इस संबंध में नियमों का हवाला दे रहा है। उनका कहना है कि राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय के अध्यादेश में एलएलएम पाठ्यक्रम का जिक्र ही नहीं है। ऐसे में वे आवेदन नहीं कर सकते हैं। वहीं जानकारों का कहना है कि जब तक विश्वविद्यालय टीचिंग डिपार्टमेंट(यूटीडी) शुरु नहीं हो जाता तब तक एलएलएम के लिए आवेदन नहीं किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जनवरी 2021 को छिंदवाड़ा आए थे। उन्होंने काराबोह डैम के पास 6.21 करोड़ की लागत से बने शासकीय लॉ कॉलेज का लोकार्पण करते हुए मंच से ही लॉ कॉलेज में एलएलएम, बीए एलएलबी सहित अन्य विषयों को प्रारंभ करने की घोषणा की थी। इसके बाद जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली। मंत्री के जाने के बाद लॉ कॉलेज प्राचार्य ने जब संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया तो नियमों की जानकारी हुई। तब से मामला ठंडे बस्ते में है।
जिले में एलएलएम की नहीं है सुविधा
जिला मुख्यालय पर काराबोह डैम के पास स्थित शासकीय लॉ कॉलेज राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय से संबद्ध है। इस कॉलेज में वर्ष 2002 से केवल एलएलबी पाठ्यक्रम की ही पढ़ाई हो रही है। वहीं मोहनगर में सतपुड़ा लॉ कॉलेज स्थित है। यह कॉलेज डॉ. हरीसिंह गौर सागर विश्वविद्यालय से संबद्ध है। इस कॉलेज में बीएएलएलबी एवं एलएलबी पाठ्यक्रम ही संचालित हो रहा है। यानी अगर जिले के विद्यार्थियों को एलएलएम की पढ़ाई करनी है तो उन्हें जबलपुर, नागपुर एवं भोपाल जाना पड़ता है।
आवेदन की यह है प्रक्रिया
लॉ कॉलेज प्राचार्य के अनुसार किसी भी नए पाठ्यक्रम खोलने के लिए उच्च शिक्षा विभाग से एनओसी लेनी होती है। इसके लिए जरूरी यह है कि कॉलेज जिस विश्वविद्यालय से संबद्ध है वहां के अध्यादेश में पाठ्यक्रम का जिक्र हो। आवेदन के साथ अध्यादेश की कॉपी भी लगाई जाती है। इसके पश्चात उच्च शिक्षा विभाग से कठित टीम कॉलेज का निरीक्षण करती है और एनओसी देती है। इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया में आवेदन करना होता है। वहां से भी टीम कॉलेज का निरीक्षण करती है। राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय के अध्यादेश में एलएलबी एवं बीएएलएलबी, बीकॉम एलएलबी एवं बीएससी एलएलबी का जिक्र है, लेकिन एलएलएम का नहीं है।
ेसेल्फ फाइनेंस से शुरु हो सकता है बीएएलएलबी
नियम के अनुसार विश्वविद्यालय में बीएएलएलबी, बीकॉम एलएलबी, बीएससी एलएलबी की पढ़ाई हो सकती है। इस संबंध में लॉ कॉलेज प्राचार्य डॉ. बीके अकोदिया का कहना है कि विभाग सेल्फ फाइनेंस से पाठ्यक्रम शुरु करने के लिए कह रहा है। अगर ऐसा किया गया तो फिर विद्यार्थियों से प्रति सेमेस्टर फीस 30 हजार रुपए तक लेनी पड़ेगी। छिंदवाड़ा जिले में अधिकतर विद्यार्थी गरीब परिवार से हैं, वे इतनी फीस कहां से दे पाएंगे। इसी वजह से कॉलेज का प्रयास है कि शासन ही यहां पर सुविधा दे।
इनका कहना है...
अभी मैंने ज्वाइन किया है। सभी बिन्दुओं को देख रही हूं। इस संबंध में जल्द ही चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा।
डॉ. लीला भलावी, कुलपति, आरएसएस विवि, छिंदवाड़ा
Published on:
15 Jul 2023 01:48 pm
बड़ी खबरें
View Allछिंदवाड़ा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
