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छिंदवाड़ा. राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा का प्रशासनिक कामकाज साढ़े तीन साल से पीजी कॉलेज के लाइब्रेरी भवन में संचालित हो रहा है। विश्वविद्यालय के पास अपना भवन न होने से कई सारी परेशानी आ रही है। उत्तरपुस्तिकाओं को रखने की जगह नहीं बची है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों के लिए सेम्प्रेट चेम्बर तक नहीं है। विश्वविद्यालय का भवन न बन पाने से यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट(यूटीडी) भी नहीं खुल पाया है। जिससे कई पाठ्यक्रम की मान्यता भी संबद्ध कॉलेजों को नहीं मिल पा रही है। पीएचडी को लेकर भी कई समस्या उत्पन्न हो रही हैं। विवि में शैक्षणिक, शोध, खेल-कूद संबंधी गतिविधियां, ग्रंथालय, महिला एवं पुरुष छात्रावास, सांस्कृतिक गतिविधियां, राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय क्रेडिट कोर की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा विवि के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत चारों जिलों के अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र के अध्ययनरत विद्यार्थियों को समुचित सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। विश्वविद्यालय को विभिन्न मामले को लेकर समिति के गठन में भी परेशानी आ रही है।
टेंडर हो चुका है निरस्त
वर्ष 2019 में विश्वविद्यालय भवन की डिजाइन सहित अन्य कार्य एवं भवन निर्माण के लिए टेंडर भी हो गए थे, लेकिन 20 मार्च 2020 को कांग्रेस की सरकार गिर गई और भाजपा की सरकार आ गई। इसके बाद से ही विश्वविद्यालय शासन की उपेक्षा का शिकार हो गया। शासन ने डेढ़ वर्ष पहले भवन निर्माण के लिए महज 90 लाख रुपए आवंटित कर औपचारिकता पूरी की। हैरानी की बात यह थी कि कुछ दिन बाद विश्वविद्यालय भवन निर्माण के लिए किया गया टेंडर भी निरस्त कर दिया गया। इसके बाद शासन ने अब तक भवन निर्माण को लेकर कोई बजट नहीं दिया है और न ही टेंडर की प्रक्रिया की। विश्वविद्यालय का कहना है कि वे नियमित अंतराल पर शासन से बजट को लेकर पत्राचार कर रहे हैं।
सारना में 120 एकड़ भूमि का आवंटन
मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 14 अगस्त 2019 को विधानसभा का विशेष संकल्प पारित कर छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। इसके बाद शासन के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन ने विश्वविद्यालय के भवन के लिए जमीन खोजने की प्रक्रिया शुरु की। कुछ ही दिन में प्रशासन ने जमीन चिहिन्त कर ली। विश्वविद्यालय भवन के लिए ग्राम सारना में लगभग 125 एकड़ भूमि का आवंटन कर दिया गया। लगभग साढ़े तीन साल बाद भी भूमि पर एक विश्वविद्यालय भवन की एक ईट भी नहीं रखी गई है। जबकि जमीन कारोबारी लोगों को सारना के आसपास की जमीन यह कहकर बेच रहे हैं कि जल्द ही विश्वविद्यालय का निर्माण होगा। विश्वविद्यालय का अगर अपना भवन बन जाता तो कई सारी परेशानी दूर हो जाती। सबसे बड़ी बात यह थी कि यहां उच्च शिक्षा के द्वार खुल जाते। अभी तक विश्वविद्यालय केवल परीक्षा के आयोजन एवं परिणाम देने तक सीमित रह गया है। विश्वविद्यालय का अपना भवन बन जाने एवं यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट हो जाने से विद्यार्थियों को काफी फायदा पहुंचता।
भवन न बनने से विवि को परेशानी
शासन ने विश्वविद्यालय के लिए 325 पदों की स्वीकृति दे रखी है, लेकिन राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय के पास अपना भवन एवं यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट न होने से पदों पर भर्ती नहीं हो पा रही है। विश्वविद्यालय में स्टॉफ की काफी कमी है। महज 36 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। जबकि विश्वविद्यालय से सिवनी, बालाघाट, बैतूल एवं छिंदवाड़ा के 131 कॉलेज संबद्ध हैं। हालांकि वर्ष 2023-24 से बैतूल जिले के लगभग 35 कॉलेज अलग हो चुके हैं। विश्वविद्यालय हर वर्ष लगभग डेढ़ लाख विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित कर रहा है। स्टॉफ की कमी के चलते रिजल्ट में भी त्रुटियां देखने को मिल रही हैं। इसके अलावा भवन के अभाव में विश्वविद्यालय स्थायी कार्य भी नहीं करा पा रहा है। विश्वविद्यालय संबद्ध कॉलेजों को कई पाठ्यक्रम के मान्यता को लेकर भी मंजूरी नहीं दे पा रहा है।
राजनीतिक वजह आ रही सामने
वर्ष 2019 में विश्वविद्यालय के खुलने के बाद छह से सात माह में काफी प्रगति देखने को मिली, लेकिन कांगे्रस की सरकार गिरते ही प्रगति रूक गई। लगभग डेढ़ वर्ष पहले भाजपा की सरकार ने धर्मशास्त्र विश्वविद्यालय, जबलपुर को 27 करोड़ रुपए आवंटित किए, लेकिन छिंदवाड़ा विवि को महज 90 लाख रुपए दिए गए। जबकि धर्मशास्त्र विश्वविद्यालय, जबलपुर के अंतर्गत अधिकतम 4 हजार विद्यार्थी ही अध्ययन कर रहे हैं। राजा शंकर शाह विवि, छिंदवाड़ा को बजट न देने के पीछे राजनीतिक वजह ही सामने आ रही है। जानकारों का कहना है कि छिंदवाड़ा में सांसद एवं विधायक कांग्रेस के हैं। शायद यही वजह है कि भाजपा छिंदवाड़ा में विकास नहीं चाह रही है। अगर उन्हें विद्यार्थियों की फिक्र होती तो वे बजट देते।
निर्माण शुरु हुआ तब भी लगेंगे दो वर्ष
जानकारों का कहना है कि अगर शासन अगस्त माह में भवन निर्माण के लिए बजट जारी करती है तब भी विश्वविद्यालय भवन बनने में लगभग दो वर्ष लग जाएंगे। हालांकि तब और अब के बजट में भी काफी अंतर आ चुका है। ऐसे में शासन को भवन के लिए बजट भी बढ़ाना होगा।
इनका कहना है...
राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय के भवन निर्माण को लेकर मैंने मुख्यमंत्री से चर्चा की है। विद्यार्थियों के हित को लेकर भाजपा हमेशा कार्य करती है। जल्द ही विश्वविद्यालय के भवन निर्माण का कार्य शुरु होगा।
विवेक बंटी साहू, जिला अध्यक्ष, भाजपा
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विद्यार्थियों की भारी मांग पर हमारे सांसद नकुलनाथ के आग्रह पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विद्यार्थियों को छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय की सौगात दी थी और भवन निर्माण के लिए बजट भी वही देंगे। प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार आई है तब से छिंदवाड़ा की उपेक्षा की जा रही है।
विश्वनाथ ओक्टे, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय भवन के बजट के लिए शासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। भवन बन जाने से कई सारी समस्याओं का हल हो जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही बजट जारी होगा।
मेघराज निनामा, कुलसचिव, आरएसएस विवि, छिंदवाड़ा
Published on:
20 Jul 2023 12:24 pm
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