5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिजली: अब तो मीटर वाचकों को मैदान से करनी पड़ेगी रिपोर्ट

शहरी और ग्रामीण इलाकों से आ रही शिकायतों पर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी की कार्ययोजना लागू  

2 min read
Google source verification
meerut

bijli

छिंदवाड़ा.शहरी और ग्रामीण इलाकों के घरों में मीटर वाचकों के न पहुंचने की शिकायत को दूर करते हुए पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ने उनके मोबाइल को सीधे जीपीएस सिस्टम से जोड़ दिया है। इससे कम्पनी अधिकारियों को तत्काल मीटर वाचक के संबंधित उपभोक्ता के मकान पर पहुंचने की लोकेशन मिल जाएगी। इससे खासकर ग्रामीण उपभोक्ताओं की शिकायत दूर करने में मदद मिलेगी।
कम्पनी के अनुसार पूरे जिले में 5 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर तीन सौ मीटर वाचक है। इस समय उनके मोबाइल पर दिए गए सॉफ्टवेयर पर मीटर पर अंकित खपत यूनिट की फोटो खींचकर रीडिंग की जा रही है। ग्रामीण इलाकों से यह शिकायत आ रही थी कि मीटर वाचक समय पर उपभोक्ताओं के घरों पर नहीं पहुंचते। कई माह की रीडिंग एक साथ भेजने से हजारों रुपए के बिल पहुंच जाते हैं। इससे उपभोक्ताओं को भुगतान में परेशानी होती है। इस समस्या को देखते हुए कम्पनी द्वारा हर मीटर वाचक के मोबाइल को जीपीएस मानीटरिंग सिस्टम में डाल दिया गया है। इसकी कम्प्यूटर पर निगरानी छिंदवाड़ा और कम्पनी मुख्यालय जबलपुर से हो रही है। इस सिस्टम के बाद मीटर वाचकों को हर हाल में निर्धारित समय पर उपभोक्ता के घर में पहुंचना सुनिश्चित कर दिया गया है।
..
हर्रई-बटकाखापा की शिकायत पर नोटिस
कम्पनी द्वारा मीटर वाचकों के मोबाइल लोकेशन को जीपीएस से जोडऩे का फायदा यह हुआ कि हर्रई और बटकाखापा के दो मीटर वाचक मैदान में काम करते हुए दिखाई नहीं दिए तो तुरंत ही उन्हें नोटिस दिया गया। फिलहाल कम्पनी अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। इन प्रकरणों से साफ है कि मीटर वाचकों की शिकायत मिलने पर उन पर त्वरित कार्यवाही होगी वहीं उपभोक्ता को समय पर खपत के अनुरूप ही बिजली बिल मिल सकेगा।
...
इनका कहना है..
जिले के सभी मीटर वाचकों के मोबाइल को चिन्हित कर जीपीएस सिस्टम से जोड़ दिया गया है। इससे उनके समय पर उपभोक्ताओं के घरों पर पहुंचने की मानीटरिंग की जा रही है।
-वायके सिंघई,संभागीय अभियंता।
....
प्रतिदिन 25 लाख यूनिट पहुंची बिजली खपत
इस समय बिजली खपत का ग्राफ पूरे जिले में 25 लाख यूनिट प्रतिदिन पहुंच गया है। इससे पहले सितम्बर के प्रथम सप्ताह में यह 21 लाख यूनिट के आसपास थी। फिलहाल खपत में इजाफा होने का कारण मौसम में धूप कहीं बारिश होने से उमस होना बताया गया है। एक अन्य जानकारी के अनुसार जिले में इस महीने 27.50 करोड़ रुपए बिजली राजस्व का लक्ष्य तय किया गया था। जिसमें से 19 करोड़ रुपए वसूल हो गए। शेष 8.50 करोड़ रुपए की राशि की वसूली के लिए विभागीय कर्मचारी प्रयासरत है।