छिंदवाड़ा. किसी महिला समूह ने होलिका दहन के लिए गोबर से लकडिय़ां बना ली तो कोई टेसू के फूलों से हर्बल गुलाल बनाने में कामयाब हो गया। इसके साथ ही मिट्टी के खिलौने पर रंगों की कलाकारी कर उसे आकर्षण का केंद्र बना दिया। सोमवार को कलेक्ट्रेट के सामने मैदान पर लगी जिला स्तरीय प्रदर्शन सह उन्नति मेला में ग्रामीण महिलाओं का हुनर देखने को मिला। एक समय गाय के गोबर को बेकार समझा जाता था, लेकिन गोशालाओं में नई तकनीक की मशीन आ जाने से इसकी लकडिय़ां समेत अन्य उत्पाद बनने लगे हैं। उसमें कलाकार गणेशजी समेत अन्य प्रतिमाओं को आकार देने लगे हैं। सौंसर की वंदेमातरम देशी गो उत्पाद समिति की प्रतिभा चौरे ने अन्य महिलाओं के साथ 25 गायों की गोशाला में ये हुनर दिखाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने होलिका दहन के लिए कंडा, पूजन माला, कंडे, लकड़ी तैयार किए। इसके साथ ही गणेश प्रतिमा और महाकाल की पूजा में उपयोगी गोबर की भस्म बनाई।
अन्नपूर्णा आदिवासी ग्राम संगठन राखीकोल जुन्नादेव की महिलाओं ने टेसू, गेंदा समेत अन्य फूलों के उपयोग से हर्बल गुलाल बनाया। इस गुलाल को लगाने से किसी प्रकार का कोई इंफेक्शन नहीं होगा।