
छिंदवाड़ा. खरमास और गुरु अस्त होने से मांगलिक कार्यों पर लगा विराम मई माह में हट जाएगा। इसके बाद शादी का सीजन शुरु हो जाएगा। तीन मई से शहनाई की मंगल धुन फिर से गूंजेगी। मई और जून में विवाह के 22 मुहूर्त हैं। नवंबर व दिसंबर में 12 वैवाहिक मुहूर्त मिल रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं. दिनेश शास्त्री ने बताया कि गुरु का उदय 29 अप्रैल को हो गया। इसके साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगा विराम हट गया। हालांकि विवाह के लिए शुद्ध शुभ वैवाहिक मुहूर्त तीन मई से मिलेंगे। 29 जून को भगवान विष्णु का शयन हो जाएगा और मांगलिक कार्यों पर फिर से विराम लग जाएगा। विष्णु भगवान के जागृत होते ही नवंबर से विवाह मुहूर्त फिर मिलने लगेंगे। वर के लिए सूर्य ग्रह और वधू के लिए बृहस्पति ग्रह का बल देखना बेहद जरूरी है। उल्लेखनीय है कि गुरु अस्त होने के कारण वैशाख महीना के अक्षय तृतीया के दिन भी विशेष लग्न नहीं था, लिहाजा इस दिन विवाह कम हुए, लेकिन अब फिर शहनाई बजने का समय आ गया है। शनिवार को गुरु उदय हो गए और शादी-विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य की शुरुआत हो गई। पंडितों के अनुसार 29 अप्रेल की रात देव गुरु बृहस्पति के उदय होने के बाद गुरु की तीन दिन बाल्यावस्था रहेगी एवं तीन मई से विवाह शुरु होंगे जो देवशयनी एकादशी तक रहेंगे। इसके बाद 23 नवम्बर से विवाह मुहूर्त शुरु होंगे जो 15 दिसंबर तक रहेंगे।
सर्वोत्तम विवाह मुहूर्त
मई- 3, 6, 8, 9, 10,11,15,16,20,21,22,29,30
जून- 1, 3, 5, 6, 7, 11, 22, 23, 26
नवंबर- 23, 24, 27, 28 और 29
दिसंबर- 5, 6, 7, 8, 9, 11 और 15
30 जून से 22 नवंबर तक नहीं मिलेगा लग्न
आगामी 30 जून से 22 नवंबर तक अधिकमास, चातुर्मास, हरिशयन, करकायन, शुक्रास्त के कारण लग्न नहीं मिलेगा। कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवोत्थनी एकादशी) 23 नवंबर से 15 दिसंबर तक रहेगी। इसमें वैवाहिक लग्न मिलेंगे। 16 दिसंबर से शनिवार मार्ग शीर्ष शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से खरमास प्रारंभ हो जाएगा। इसके बाद मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। आगामी 2024 में 16 जनवरी को खरमास की समाप्ति के पश्चात वैवाहिक व मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे।
Published on:
01 May 2023 01:11 pm
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