जनवासे से निकली बारात लग्न मंडप में तय समय पर बहुत कम पहुंचती देखी जाती है। बारात में देरी का कारण दोस्त, यारों का मन भरने तक नाचना बनता है। उनकी खुशी अपनी जगह जायज होती है लेकिन कई बार नाचने और बजाने को लेकर विवाद भी होते हैं। बैंड बाजे वालों ने अब शादी ब्याह के मौके पर बैंड बजाने का अब निश्चित समय तय लिया है। उसे देखकर लगता है कि यदि बारात समय पर नहीं निकली या तय समय पर जगह पर नहीं पहुंची तो बारात को बिना बाजे के ही मंडप में प्रवेश करना पड़ सकता है।