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ट्रेनिंग के लिए अब बाहर नहीं जाएंगे खिलाड़ी, पटना में बनेगी बिहार की पहली हाई-टेक स्पोर्ट्स सिटी

Bihar Sports News: बिहार में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए पटना में एक अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सिटी की स्थापना की जाएगी। इसका निर्माण कार्य 2026 में ही शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 64 एकलव्य सेंटर, एथलीटों को स्कॉलरशिप, नौकरी और लोकल ट्रेनिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 01, 2026

bihar sports news

AI Generated Image

Bihar Sports News:बिहार के एथलीटों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने वाली है। राज्य सरकार ने राजधानी पटना में बिहार का पहला हाई-टेक स्पोर्ट्स सिटी बनाने का फैसला किया है। इससे राज्य के एथलीटों को बेहतर ट्रेनिंग के लिए दिल्ली, हरियाणा, बेंगलुरु या विदेश जाने की जरूरत खत्म हो जाएगी। यह स्पोर्ट्स सिटी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जहां खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी।

सात निश्चय योजना के तहत होगा निर्माण

नए साल 2026 के साथ, बिहार सरकार ने खेल विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप पेश किया है। यह अत्याधुनिक स्पोर्ट्स सिटी पटना में सात निश्चय योजना 3 के तहत स्थापित किया जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, परियोजना पर काम जल्द ही शुरू होगा और इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इस स्पोर्ट्स सिटी में मल्टी-स्पोर्ट ट्रेनिंग सुविधाएं, स्पोर्ट्स साइंस लैब, फिजियोथेरेपी और रिहैबिलिटेशन सेंटर जैसी सुविधाएं होंगी।

हर जिले में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'

राज्य सरकार का ध्यान सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं है। बिहार के सभी जिलों में लोकप्रिय क्षेत्रीय खेलों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। लक्ष्य स्थानीय स्तर पर प्रतिभा की पहचान करना और उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करना है। इससे गांवों और छोटे शहरों के एथलीट राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयारी कर पाएंगे।

64 एकलव्य स्पोर्ट्स सेंटर चालू होंगे

ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के एथलीटों के लिए एक बड़ी राहत यह घोषणा है कि राज्य भर में 64 एकलव्य स्पोर्ट्स सेंटर पूरी तरह से चालू हो जाएंगे। ये केंद्र प्रतिभाशाली एथलीटों को आवासीय प्रशिक्षण, पोषण, कोचिंग और शिक्षा प्रदान करेंगे। सरकार का मानना ​​है कि यह मॉडल बिहार को भविष्य के ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए तैयार करेगा।

खेलों को छात्रवृत्ति और नौकरियों से जोड़ा जाएगा

इसके साथ ही, सरकार स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप योजनाओं का भी विस्तार कर रही है। कई श्रेणियों में नए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसके अलावा, 'मेडल जीतो - नौकरी पाओ' नीति के माध्यम से मेडल जीतने वाले एथलीटों को सरकारी नौकरियों से जोड़ने के लिए एक सिस्टम बनाया जा रहा है।

खेल प्रशासन और ट्रेनिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए, BPSC, BTSC और BSSC के जरिए बड़े पैमाने पर भर्तियां की जाएंगी। इसमें कोच, ट्रेनर, फिजियो, स्पोर्ट्स मैनेजर और टेक्निकल एक्सपर्ट शामिल होंगे। इससे न सिर्फ खेल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके भी बनेंगे।

2025 में रखी गई मजबूत नींव

साल 2025 बिहार के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, एशियन मेन्स हॉकी चैंपियनशिप और ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज एथलेटिक्स चैंपियनशिप जैसे बड़े इवेंट्स की सफल मेजबानी ने यह साबित कर दिया कि बिहार अब बड़े खेल इवेंट्स के लिए पूरी तरह से तैयार है। राजगीर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन और 257 ब्लॉक-लेवल आउटडोर स्टेडियम का निर्माण भी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम थे।