
Higher Education: चार जिलों के 120 कॉलेज अब जुड़ेंगे नए विश्वविद्यालय से, हुई कुलपति की नियुक्ति
छिंदवाड़ा. मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन के लगभग तीन माह बाद उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत नवीन परंपरागत छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में राज्यपाल लालजी टंडन ने कुलपति की नियुक्ति कर दी है। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त लॉ के प्रोफेसर डॉ. एमके श्रीवास्तव को छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का पहला कुलपति बनाया गया है। गौरतलब है कि छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति में देरी से होने से कई सवाल खड़े हो रहे थे। अंदेशा जताया जाने लगा कि इस बार छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का शेषन शुन्य रहेगा, लेकिन सोमवार को कुलपति की नियुक्ति के साथ ही सभी अटकतों पर विराम लग गया है। अब कुलपति की नियुक्ति हो जाने से छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के रूके हुए कार्य तेजी से होंगे। लीगल प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार कुलपति के नियुक्ति के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अधिसूचना जारी करेगी, जिसमें यह जानकारी दी जाएगी कि छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल और बालाघाट जिले के शासकीय एवं अशासकीय कॉलेज अब छिंदवाड़ा विवि के अधीन संचालित होंगे। इसके अलावा कुलपति द्वारा ही विश्वविद्यालय समन्वय समिति की बैठक में अधिनियम और परिनियम को प्रस्तुत किया जाएगा। समिति द्वारा छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के लिए बनाए गए अधिनियम एवं परिनियम पर मुहर लगाने के बाद क्रियान्वयन किया जाएगा।
वर्तमान सत्र में ही चार जिलों के 120 कॉलेज होंगे संबद्ध
छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति के बाद अब यह साफ हो गया है कि सत्र 2019-20 में ही छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल एवं बालाघाट के 120 शासकीय एवं अशासकीय कॉलेज संबद्ध हो जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अधिसूचना जारी करने के बाद छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में चारों जिलों के कॉलेजों में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के नामांकन की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2019-20 के लिए कॉलेजों से लिए गए संबद्धता शुल्क को भी छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय को वापस कर दिया जाएगा।
18 जून को राजपत्र में हुआ था प्रकाशन
मध्यप्रदेश राजपत्र में 18 जून 2019 को छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का प्रकाशन किया गया था। इसके पश्चात 22 जून को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वरदमूर्ति मिश्रा को छिंदवाड़ा विवि का कुलसचिव का अतिरिक्त पद्भार दिया गया। छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के लिए सारना में प्रशासन द्वारा 120 एकड़ जमीन भी आवंटित की गई। वहीं पीजी कॉलेज में छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय संचालन के लिए ऑफिस भी बना दिया गया है। 24 जुलाई को उच्च शिक्षा विभाग ने छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था बनाने के लिए तीन प्राध्यापक एवं दो क्लर्क की नियुक्ति भी की। वहीं 31 अगस्त को राज्य शासन द्वारा छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में प्रारंभिक कार्य संचालन के लिए एक उपकुलसचिव एवं तीन सहायक कुलसचिव की नियुक्ति आदेश जारी किया था। हालांकि इनमें से एक ने स्टे ले लिया है। वहीं तीन ने ज्वाइन किया है।
नव प्रवेशित विद्यार्थी का ही होगा छिंदवाड़ा विवि में नामांकन
सत्र 2019-20 से छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का संचालन शुरु हो जाने के बाद इसका फायदा नवप्रवेशित विद्यार्थियों को ही मिलेगा। यानि स्नातक प्रथम वर्ष एवं स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थी को ही छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय से पंजीकृत रहेंगे। वहीं स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष, स्नातकोत्तर द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से ही जुड़े रहेंगे।
Published on:
01 Oct 2019 12:21 pm
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