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Higher education: इस कॉलेज की वर्षों पुरानी समस्या होगी समाप्त, प्रक्रिया हुई शुरु

कॉलेज का खुद का कवर्ड कैम्पस होगा।

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College: पीजी कॉलेज को छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के शिफ्ट होने का इंतजार

College: पीजी कॉलेज को छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के शिफ्ट होने का इंतजार

छिंदवाड़ा. शासकीय स्वशासी पीजी कॉलेज की वर्षों पुरानी समस्या जल्द ही समाप्त होने वाली है। कॉलेज का खुद का कवर्ड कैम्पस होगा। इसके लिए प्रक्रिया तेज हो गई है। इस संबंध में कॉलेज प्राचार्य ने प्रशासन से गुहार लगाई थी। बीते दिनों प्रशासन ने कॉलेज का निरीक्षण कर प्राचार्य को आश्वस्थ किया था। बताया जाता है कि इसके बाद कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी को प्राक्कलन बनाने को कहा है। गौरतलब है कि कॉलेज के मुख्य गेट से ही आम सडक़ होकर गुजरती है। इस सडक़ से प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में आए दिन हादसे होते रहते हैं। विद्यार्थी काफी समय से सडक़ को बंद करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा कॉलेज का खुद का कवर्ड कैम्पस न होने से नैक मूल्यांकन के दौरान गे्रड सुधारने में भी परेशानी हो रही है। कवर्ड कैम्पस न होने से कॉलेज को अच्छी ग्रेडिंग नहीं मिल पा रही है और न ही कॉलेज के विकास के लिए अच्छा अनुदान मिल पा रहा है। इस बार सात साल बाद कॉलेज ने नैक मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। कॉलेज की तैयारी भी पूरी है, लेकिन अगर इस बार भी कॉलेज के पास कवर्ड कैम्पस नहीं हुआ तो समस्या आ सकती है। इन सबको देखते हुए प्राचार्य ने प्रशासन के सामने समस्या रखी थी। जिस पर प्रशासन ने इसका विकल्प तलाशने के लिए कहा था।

छात्रावास की तरफ बनेगी सडक़
बीते दिन पीजी कॉलेज का निरीक्षण करने आए प्रशासनिक अधिकारी ने प्राचार्य को सडक़ बनाने के लिए हामी भर दी है। बताया जाता है कि लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से सडक़ का निर्माण किया जाएगा। इसमें 60 प्रतिशत खर्चा प्रशासन देगी और शेष पीजी कॉलेज को देना होगा। कॉलेज के सामने से सडक़ को बंद किया जाएगा और बाहरी हिस्से से सडक़ निर्माण होगा। इससे आवागमन भी सुचारू रूप से होता रहेगा और कॉलेज की समस्या भी दूर हो जाएगी।

इनका कहना है...
टीएल बैठक में मैंने समस्या रखी थी। बीते दिनों प्रशासनिक अधिकारी ने कॉलेज का निरीक्षण किया था। दूसरी तरफ से सडक़ बनाई जाएगी। कॉलेज का कवर्ड कैम्पस होने से काफी समस्या दूर हो जाएगी। सडक़ बनाने में जो खर्चा आएगा उसमें 60 प्रतिशत प्रशासन ने देने की बात कही है। अभी प्रक्रिया चल रही है।

डॉ. अमिताभ पांडे, प्राचार्य, पीजी कॉलेज, छिंदवाड़ा