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Holika dahan 2024: होलाष्टक शुरु, इस बार होलिका दहन पर रहेगा भद्रा का साया

रात 11 बजे के बाद कर सकेंगे होलिका दहन, 25 मार्च को मनेगी होली

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होली के लिए सजा रंग-बिरंगा बाज़ार, देखे तस्वीरें

होली के लिए सजा रंग-बिरंगा बाज़ार, देखे तस्वीरें

छिंदवाड़ा. रंगों के त्योहार होली को लेकर सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं रविवार से होलाष्टक भी शुरु हो गया जो फाल्गुन पूर्णिमा 24 मार्च को समाप्त होगा। होली के आठ दिन के पहले का समय होलाष्टक कहा जाता है। इसकी शुरुआत फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि से होती है और यह पूर्णिमा यानी होलिका दहन के साथ पूरा हो जाता है। इस समय आम तौर पर कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। हालांकि पूजा पाठ और जप तप में कोई बाधा नहीं होती है। किसी भी प्रकार के शुभ कार्य नहीं किए जाएंगे और न ही कोई नई वस्तु की खरीदी की जाएगी। ज्योतिषाचार्य राकेश शास्त्री ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा होली से पहले के आठ दिन होलाष्टक कहलाते हैं। पंचांग के अनुसार इस साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का प्रारंभ 16 मार्च को रात 9.38 बजे से होकर समापन 17 मार्च को रात 9.52 बजे हुआ। 24 मार्च को होलाष्टक होलिका दहन के साथ समाप्त होगा। शहर में 40 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा। इसकी तैयारी शुरु हो गई है। हालांकि इस बार होलिका दहन पर देर रात तक भद्रा का साया रहेगा। प्रदोष काल में होलिका दहन नहीं किया जा सकेगा। भद्रा समाप्त होने पर होलिका दहन के लिए करीब डेढ़ घंटे का ही समय रहेगा। फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 24 मार्च को सुबह 9.54 बजे शुरु होकर 25 मार्च को दोपहर 12.29 बजे तक रहेगी। 24 मार्च को सुबह 9.47 बजे से रात्रि 10.50 तक भद्रा का साया रहेगा। इसके कारण प्रदोष काल में होलिका दहन नहीं हो पाएगा। भद्रा के खत्म होने के बाद ही होलिका दहन किया जाएगा। रात्रि 11.13 बजे से 12.27 बजे तक होलिका दहन होगा। 25 मार्च को होली का पर्व मनाया जाएगा।


यह शुभ कार्य रहेंगे बंद
पंडितों के अनुसार होलाष्टक के समय विशेष रूप से विवाह, ग्रह प्रवेश, मुंडन संस्कार, वाहन खरीदी, नए निर्माण व नए कार्यों को आरंभ नहीं करना चाहिए।

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