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ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की जांच ही नहीं, दुकान सजाकर बिक रही एक्सपायरी खाद्य सामग्री

दीपावली पर औपचारिकता निभाता है खाद्य एवं प्रशासन विभाग, ब्रांडेड कंपनियों की खाद्य सामग्री एक्सपायरी होने पर पहुंचती है ग्रामीण क्षेत्रों में

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chhindwara

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छिंदवाड़ा. स्वास्थ्य विभाग का ड्रग विभाग तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग किस तरह से अपने कार्य में लापरवाही बरतता है जिसका ताजा उदाहरण मेडिकल स्टोरों से बिके जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से 22 बच्चों की मौत से सामने आया है। सीएमएचओ की लचर कार्यप्रणाली का खामियां वर्तमान में जिले की जनता को भुगतना पड़ रहा है। ड्रग निरीक्षक ने अपने क्षेत्र में कार्य में लापरवाही बरती तथा बड़ा मामला सामने आने पर उस पर एफआईआर ना करते हुए विभाग ने लीपापोती कर निलंबित कर दिया। उसी तरह से लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ स्वास्थ्य विभाग का खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग वर्तमान में कर रहा है। जिन एक्सपायरी डब्बा पैक खाद्य सामग्री को बाजारों से हट जाना चाहिए उनकी दुकानें ग्रामीणों क्षेत्रों में सज रही है वह भी बिना खौफ के जबकि जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आ चुका है उसके बाद भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी लापरवाही बरत रहे है। खाद्य दुकान संचालक अपनी दुकान के सामने इन एक्सपायरी खाद्य सामग्री की दुकान सजा रहे है, दीपावली होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए मिठाई मेंं भारी छूट का बोर्ड लगाया गया है तथा एक्सपायरी खाद्य सामग्री की पूरी दुकान सजाई गई।

एक्सपायरी खाद्य सामग्री सप्लाई का पूरा गिरोह


जानकारी जुटाने पर पता चला कि एक्सपायरी खाद्य सामग्री को शहर से बाहर ग्रामीण क्षेत्रों के मुख्य बाजारों में सबसे बड़ी दुकान में ऑर्डर पर सप्लाई किया जाता है। मल्टीनेशनल कंपनियों से जो पैक खाद्य सामग्री की वैधता तिथि खत्म हो जाती है वह बड़ी मात्रा में खरीद ली जाती है फिर शुरु किया जाता है लोगों के जीवन से खिलवाड़। अन्य खाद्य सामग्री के साथ ही एक्सपायरी खाद्य सामग्री पहुंचाई जाती है खासकर यह उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों के समय होती है। ग्रामीण इन दुकानों में पहुंचते है तथा उस खाद्य सामग्री की वैधता तिथि ना देखते हुए उसकी पैकिंग को पसंद कर वह खाद्य सामग्री घर ले जाते है। सवाल यह उठता है कि अगर इन खाद्य सामग्री के सेवन से किसी का स्वास्थ्य खराब होता है तथा मौत होती है तो जिम्मेदार कौन होगा।

मढ़ई मेले को लेकर पहुंची यह खाद्य सामग्री


छिंदवाड़ा शहर से 15 किमी की दूरी पर स्थित चांद मार्ग पर पिंडरई में पत्रिका टीम ने पैक खाद्य सामग्री के संबंध में पड़ताल की तो यह चौकाने वाली बात सामने आई है। चांद जाने वाली मुख्य सडक़ पर यह दुकान संचालित हो रही है लेकिन जांच करने खाद्य सुरक्षा अधिकारी लंबे समय से नहीं पहुंचा है। सूत्र बताते है कि ऑर्डर पर यह एक्सपायरी खाद्य सामग्री बुलाई गई थी। दीपावली के काफी दिनों पहले से छिंदवाड़ा से लेकर चांद व चौरई क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र जहां पर दीपावली के पहले साप्ताहिक बाजार व बाद में मढई मेले लगते है वहां पर लाखों रुपए की एक्सपायरी सामग्री सप्लाई की गई है जो लगातार बेची जा रही है। 22 अक्टूबर को पिंडरई में मढई का आयोजन था जिसके चलते वहां पर कई दुकानों में एक्सपायरी खाद्य सामग्री बेचने के लिए सजाई गई थी।

इनका कहना है।


ग्रामीण क्षेत्रों में अगर एक्सपायरी खाद्य सामग्री बिक रही है तो मामला गंभीर है, मामले की जांच कर ऐसी खाद्य दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी को नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर जांच करनी चाहिए।


प्रभात मिश्रा, एसडीएम, चौरई