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गरीब किसान का बेटा माउंट एवरेस्ट पर पहुंचा, लहराया तिरंगा

mountaineer neeraj dehariya news- 100 दिनों में चार बड़े अभियान किए पूरे...।

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छिंदवाड़ा। कठोर परिश्रम और सच्ची लगन से जीवन में किसी भी मनचाहे मुकाम को हासिल किया जा सकता है। लक्ष्य छोटे-छोटे तय करना चाहिए। धीरे-धीरे बड़े लक्ष्य की तरफ बढ़ना चाहिए। इससे कामयाबी आसानी से पाई जा सकती है। यही सफलता का मूलमंत्र है।

इस बात को चरितार्थ कर रहे हैं चौरई विकासखंड के माचीवाड़ा गांव के निवासी नीरज डेहरिया। उन्होंने बीते दिनों नेपाल स्थित कालापत्थर पीक एवं माउंट एवरेस्ट बेस कैम्प फतह कर 100 दिनों में चार बड़े अभियान सफलतापूर्वक पूर्ण किए। नीरज का मानना है कि सही फैसला लेना काबिलियत नहीं है, बल्कि फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत है।

यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया सतपुड़ा इकाई के सचिव हिमांशु जायसवाल ने बताया कि इकाई के युवा साथी नीरज मध्यप्रदेश के पहले युवा पर्वतारोही हैं, जिन्होंने अभियान सफलतापूर्वक पूर्ण कर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया।

पर्वतारोही नीरज डेहरिया ने 14 नवंबर को शाम 4.15 बजे 5550 मीटर ऊंचे नेपाल स्थित कालापत्थर पीक फतह की एवं 15 नवंबर को सुबह 9.25 बजे 5364 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट बेस कैम्प में देश का तिरंगा झंडा लहराया। साथ ही मध्यप्रदेश शासन एवं जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद छिंदवाड़ा के बैनर तले अपने इस अभियान को सफल बनाया।

दुनिया के सबसे ऊंची चोटी का लक्ष्य

नीरज के पिता शिवप्रसाद डेहरिया किसान व माता गीता डेहरिया गृहिणी हैं। अब नीरज की नजर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर है, जिसकी ऊंचाई 8848.86 मीटर है। नीरज माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराकर पुरी दुनिया में जिले व प्रदेश का नाम रोशन करना चाह रहे हैं।

ये हैं चार बडे़ अभियान

नीरज डेहरिया ने ‘हर घर तिरंगा अभियान’ में अपना सहयोग देने का निर्णय लिया और छिंदवाड़ा से दिल्ली तक साइकिल से यात्रा की। 15 अगस्त को 1050 किलोमीटर की यात्रा पूर्ण कर छिंदवाड़ा से दिल्ली लाल किला पहुंचे। दो अक्टूबर गांधी जयंती के दिन सुबह 10.50 बजे 5693 मीटर ऊंचे कश्मीर के लद्दाख रीजन स्थित माउंट मचोइ पीक फतह की। 14 नवम्बर को कालापत्थर पीक एवं 15 नवम्बर को माउंट एवरेस्ट बेस कैम्प फतह किया।