
छिंदवाड़ा . उच्च शिक्षा विभाग जिले सहित प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में पदस्थ सहायक प्राध्यापकों का प्रोविजन पीरियड समाप्त करने पर विचार कर रहा है। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने सभी अतिरिक्त संचालकों को निर्देश देते हुए ऐसे सहायक प्राध्यापकों की सूची भी जारी की है। निर्देश में कहा गया है कि सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त किया जाना है, लेकिन इन प्राध्यापकों के गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण परिवीक्षा अवधि समाप्ति विचाराधीन है। उच्च शिक्षा विभाग अपर संचालक(प्रशासन) जगदीश चन्द्र जटिया ने कहा है कि भेजी गई सूची के अनुसार सहायक प्राध्यापकों के गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए। जिससे इस पर विचार हो सके। विभाग द्वारा प्रदेश के कॉलेजों में पदस्थ ५१ सहायक प्राध्यापकों की सूची भेजी गई है। जिसमें छिंदवाड़ा जिले के पीजी कॉलेज में पदस्थ सुनामिका उइके का वर्ष 2013 एवं 2015 एवं अमरवाड़ा कॉलेज में पदस्थ अरविन्द्र धुर्वे का वर्ष 2013 एवं 2014 गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं हुआ है।
कार्यालय एवं आकस्मिक व्यय के लिए मिला बजट
उच्च शिक्षा विभाग ने विभिन्न योजना के अंतर्गत कॉलेजों में कार्यालय एवं आकस्मिक व्यय मद के लिए वित्तीय वर्ष २०१८-१९ के अंतर्गत बजट जारी किया है। जिमसें प्रदेश के सात कॉलेज शामिल है। इसमें जिले से शा. कॉलेज परासिया को भी एक लाख रुपए का बजट जारी किया गया है। इसके साथ ही निर्देश भी दिए गए हैं। जिसमें कहा गया है कि बजट व्यय करने से पूर्व समय-समय पर मप्र शासन वित्त विभाग द्वारा जारी अद्यतन निर्देश एवं भंडार क्रय नियमों एवं सामग्री क्रय एवं राशि के भुगतान करते समय सेवा उपार्जन नियम का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा कॉलेजों को क्रय सामग्री एवं व्यय राशि का विधिवत अभिलेख संधारण करना होगा एवं गुणवत्ता का भी परीक्षण कर प्रमाण पत्र अंकित करना होगा। उपयोग की गई राशि का पूर्ण विवरण सहित उपायोगिता प्रमाण पत्र भी देना होगा। अगर किसी भी मद में अनावश्यक खर्च किया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी प्राचार्य की होगी।
प्रमाण-पत्र भेजने में नहीं दिखाई दिलचस्पी
उच्च शिक्षा विभाग विश्व बैंक परियोजना के अतिरिक्त परियोजना संचालक ने शासकीय अग्रणी कॉलेज द्वारा क्षेत्रान्तर्गत शासकीय कॉलेजों की वार्षिक रिपोर्ट(सत्र 2016-17) अपलोड होने संबंधी प्रमाण पत्र प्रारूप टू में न भेजने को लेकर नाराजगी जताई है। इस संबंध में अतिरिक्त परियोजना संचालक ने दोबारा निर्देशित किया है। कहा गया है कि निर्धारित अवधि तक प्रदेश के 10 अग्रणी कॉलेजों ने ही प्रमाण पत्र भेजा है। अग्रणी कॉलेज प्राचार्य शासकीय कॉलेजों से समन्वय कर उनकी सत्र 2016-17 की वार्षिक रिपोर्ट अपलोड कराएं एवं प्रारूप वन में उनसे प्रमाण पत्र प्राप्त करें। इसके पश्चात प्रारूप टू में प्रमाण-पत्र २१ मई तक ई-मेल के जरिए भेजना सुनिश्चित करें। बता दें कि जिन दस अग्रणी कॉलेजों ने प्रमाण पत्र भेजा है उसमें छिंदवाड़ा का अग्रणी कॉलेज शामिल नहीं है।
Published on:
16 May 2018 11:30 am
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