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एमपी के इस गांव में दूषित पानी से फैला संक्रमण, 58 लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित

MP News: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के राजोला ग्राम में मंगलवार को ग्रामीणों की तबियत बिगड़ने से हड़कंप मच गया।

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MP News: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। अमरवाड़ा तहसील के ग्राम राजोला में मंगलवार को अचानक ग्रामीणों की तबियत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच की। बीमार लोगों के लिए शिविर लगाकर दवा दी। एसडीएम सहित स्वास्थ्य विभाग पीएचई और पुलिस बल यहां पहुंचा था। जिसके बाद शाम तक पूरे गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने उक्त बीमारी से संबंधित मरीजों को देख कर दवाइयां दी गई है।

पानी की टंकी में पशु-पक्षी मरे पड़े

ग्रामीणों ने बताया कि तीन चार दिनों से अलग-अलग घरों में उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज थे। दो दिनों से इनकी संख्या अचानक बढ़ गई। पानी की टंकी और जलस्रोत कुआं में पशु और पक्षी मरे पड़े हैं। जिससे पानी दूषित हो गया है।

सीएम हेल्पलाइन में हुई शिकायत

गुस्साए ग्रामीणों ने स्थानीय सरपंच के खिलाफ नारेबाजी की। साथ पेय जल संसाधन और पानी की टंकी कुंआ को साफ करवाने और स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग अधिकारियों से की है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने बताया कि दूषित पानी को लेकर कुछ लोगो सीएम हेल्प लाइन में भी शिकायत की थी और कई बार सरपंच को अवगत कराया गया था बावजूद इसके इस तरफ किसी ने भी ध्यान नहीं दिया।

ग्राम पंचायत में बना अस्थाई अस्पताल

शाम आठ गांव में पंचायत भवन में अस्थाई अस्पताल बनाया गया है। यहां पलंग डालकर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जांच के बाद 150 के लगभग मरीजों में से जिसको जैसी जरुरत थी दवा इंजेक्शन व ड्रिप लगाई गई। एसडीएम ने बताया कि डाक्टर सहित अधिकारियों की एक टीम गांव में रुकेगी।

इस पूरे मामले पर अमरवाड़ा एसडीएम हेमकरण धुर्वे ने कहा कि उल्टी दस्त दूषित पानी के पीने की वजह से हुआ है जलस्त्रोतो को साफ किया जा रहा है, स्वास्थ्य विभाग पीएचई और पंचायतों को निर्देश दिया गया है। शिविर लगाने के साथ ही सर्वे करके दवा दी जा रही है।