29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दंपत्तियों को अब पुलिस थाने में नहीं मिलेगी सलाह, परिवार परामर्श केन्द्र बंद

मामूली विवाद के कारण टूट रहे परिवारों को बचाने में परिवार परामर्श केन्द्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है , लेकिन शासन के एक आदेश के बाद अब पूरे मध्यप्रदेश में परिवार परामर्श केन्द्र बंद कर दिए गए है। शनिवार को परामर्श केन्द्र परासिया में सभी सलाहकार, डेस्क प्रभारी तथा अनुभाग पुलिस अधिकारी उपस्थित हुए और विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

छिंदवाड़ा

•

image

Rahul sharma

•

Updated: 7 Apr 2024, 9:20 PM IST

parasiya.jpg

Now couples will not get advice in police station, family counseling center closed

छिंदवाड़ा/ परासिया. मामूली विवाद के कारण टूट रहे परिवारों को बचाने में परिवार परामर्श केन्द्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है , लेकिन शासन के एक आदेश के बाद अब पूरे मध्यप्रदेश में परिवार परामर्श केन्द्र बंद कर दिए गए है। पुलिस अधीक्षक छिंदवाडा की ओर से थाना प्रभारियों को लिखे गए पत्र में बताया गया है कि केन्द्र सरकार की स्वाधार गृह योजना के तहत पुलिस विभाग की ओर से परामर्श केन्द्र संचालित किए जा रहे थे। 11 मार्च 2015 को शासन ने पत्र द्वारा सभी परामर्श केन्द्र और महिला हैल्प लाइन को 1 अप्रेल 2015 से बंद करने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रदेश में अभी तक केन्द्र संचालित किए जा रहे थे। रीवा जिले में संचालित परामर्श केन्द्र के संबंध में एक याचिका उच्च न्यायालय में दाखिल की गई थी। इसके बाद 1 अप्रेल 2024 से परामर्श केन्द्र तथा महिला हैल्प लाइन को तत्काल बंद कर दिया गया है। शनिवार को परामर्श केन्द्र परासिया में सभी सलाहकार, डेस्क प्रभारी तथा अनुभाग पुलिस अधिकारी उपस्थित हुए और विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सलाहकारों ने अपने अनुभव और परिवार की अवधारणा के संबंध में विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि परामर्श के माध्यम से सैकड़ों दंपत्तियों के बीच आपसी सहमति बनाकर समझाइश देकर परिवार को टूटने से बचाया गया। अनुभाग पुलिस अधिकारी जितेन्द्र जाट ने कहा कि वह एक वर्ष तक चिकित्सक रहे, उसके बाद पुलिस विभाग में आए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य शिविर आयोजित करना, बच्चों की शैक्षणिक समस्याओं उनके स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पर कार्य करते रहना चाहिए। कार्यक्रम में सलाहकार केपी पांडे , जेठूलाल सोनी ,डॉ. श्रीमती मधु बत्रा, शांति तिवारी ,चित्रकांति विश्वकर्मा , संगीता श्रीवास्तव ,सुशीला झाड़े डेस्क प्रभारी वंदना बघेल एवं राखी उइके उपस्थित रही।