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अब सोसायटी खुद को बता रही डिफाल्टर

प्राथमिक कृषि सहकारी सोसायटी मोरडोंगरी

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अब सोसायटी खुद को बता रही डिफाल्टर

अब सोसायटी खुद को बता रही डिफाल्टर

पांढुर्ना. प्राथमिक कृषि सहकारी सोसायटी मोरडोंगरी के बचत खातेदार किसानों ने पुलिस थाना पहुंचकर बचत खातों के रुपयों में गबन करने वाले लिपिक और प्रबंधक पर कार्रवाई शिकायत की।
किसानों ने बताया कि बैंक में हमारा लाखों रुपए बचत खाते में जमा होने के बावजूद हमें सोसायटी डिफाल्टर बताकर न तो केसीसी ऋण दे रही है और न ही हमारे रुपए लौटा रही है। मेहनत के साथ जमा की गई पंूजी नहीं मिलने से किसानों ने मायूस होकर बताया कि सोसायटी हमें गुमराह कर रही है। पिछले चार माह पहले ही इस बात का खुलासा हो गया था कि हमारे रुपयों पर गबन हो गया है फिर भी आज तक आरोपियों के विरुद्ध जांच पूरी नही कर उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
किसान देवराव पराडक़र ने बताया कि खाते में डेढ़ लाख रुपए जमा है फिर भी मुझे रुपए नहीं मिल पा रहे है। भारत दुखी का कहना है कि जोड़-जोडक़र साढ़े चार लाख रुपए जमा किये है नहीं मिले तो मैं बर्बात हो जाऊंगा। इसी तरह लीलाराम पराडक़र के 22 हजार रुपए, सुमन गौरखेडक़र के 80 हजार, उर्मिला सहारे के 26 हजार, सुभाष नामदेव के 24 हजार, सीमा नारनवरे के 60 हजार और कई किसानों के रूपये बैंक के बचत खातों में जमा है लेकिन इनका क्या हो रहा है कोई जवाब देने को खाली नहीं है। बारिश की शुरुआत के साथ किसान को खेत के लिए खाद बीज और दवाएं खरीदनी होती है। वो अपने बचत में से नई फसल को तैयारी के लिए मेहनत करता है लेकिन मोरडोंगरी सहित भूली और आसपास के छोटे गांवों के किसानों को अगर अपनी बचत की राशि समय पर नहीं मिलेगी तो वे मायूस होकर गलत कदम न उठाएं।